रूस की तर्ज पर नैसर्गिक प्रतिभाओं को तराशने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत में भी सीरियस एजुकेशनल सेंटर जैसा प्लेटफार्म बनाना चाहते हैं। ताकि काबिलियत के दम से युवा दुनिया में हिंदुस्तान का परचम लहरा सकें। मई में रूस दौरे पर गए पीएम मोदी को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस सेंटर के बच्चों और उनकी खासियत से रूबरू करवाया था।
देश में भी सोच्चि के ‘सीरियस एजुकेशनल सेंटर’ जैसा प्लेटफार्म चाहते हैं पीएम
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने महत्वाकांक्षी सपने पर काम करना शुरू किया
सोच्चि के सेंटर में हर क्षेत्र के होनहार छात्रों को विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। सूत्रों के मुताबिक, पीएम को सोच्चि सेंटर बेहद पसंद आया था। सरकार ऐसे ही सेंटर तैयार करने की योजना बना रही है। पीएम के इस महत्वाकांक्षी सपने को पूरा करने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने शुरुआती चरण का काम करना भी शुरू कर दिया है। मंत्रालय ने वरिष्ठ अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर रिपोर्ट बनाने को कहा गया है।
खेल, डांस, संगीत, कला, विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र की प्रतिभाएं तराशी जाएंगी
सोच्चि के सेंटर में खेल, डांस, संगीत, आइस हॉकी, कला, विज्ञान, तकनीक व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र की प्रतिभाओं को तराशा जाता है। बच्चे अपने काबिलियत के आधार पर विषय चुनते हैं और एक्सपर्ट उन्हें तराशते हैं। ताकि छात्र को परिवार, समाज या दोस्त की सलाह पर नहीं, बल्कि हुनर के आधार पर भविष्य के लिए तैयार किया जा सके। इस सेंटर में अपने-अपने क्षेत्र के हर काबिल छात्र को रखा जाता है। इस सेंटर को बनाने का आइडिया राष्ट्रपति पुतिन का था।