प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने सऊदी अरब की दो दिवसीय यात्रा पर जा सकते हैं। इससे परिचित लोगों ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी दी। यात्रा के दौरान वे व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। पीएम मोदी की यह यात्रा लगभग चार वर्षों के अंतराल के बाद खाड़ी देश की उनकी पहली यात्रा होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य के साथ-साथ प्रस्तावित भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि पिछले नवंबर में, सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने भारत का दौरा किया था, जिसमें दोनों पक्षों ने विशेष रूप से व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, सुरक्षा और संस्कृति के क्षेत्रों में अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की थी।
पिछले कुछ वर्षों में भारत और सऊदी अरब के बीच संबंधों में तेजी आई है। सऊदी अरब में 26 लाख भारतीय समुदाय रहता है। अप्रैल 2016 में पीएम मोदी की रियाद यात्रा ने भारत-सऊदी अरब संबंधों में एक नया अध्याय शुरू किया था। भारत सऊदी अरब का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 2023-24 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 37 हजार करोड़ रुपये (42.98 बिलियन डॉलर) रहा, जिसमें भारत का निर्यात 11.56 बिलियन डॉलर और आयात 31.42 बिलियन डॉलर था।
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