प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर गुरुवार को भगवान महावीर वनस्थली पार्क में पेड़ लगाकर अरावली ग्रीन वॉल परियोजना की शुरुआत की। इसे एक पेड़ मां के नाम अभियान का विस्तार बताया जा रहा है। अरावली ग्रीन वॉल परियोजना के तहत दिल्ली से लेकर गुजरात तक फैली अरावली पर्वत श्रंख्ला में पेड़ लगाए जाएंगे। सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा कि 'अरावली पर्वत श्रंख्ला इस धरती पर सबसे पुरानी पर्वत श्रंख्लाओं में से एक है। यह गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली को कवर करती है। इस पर्वत श्रंख्ला को बीते कई वर्षों से पर्यावरण संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। अब उनकी सरकार इन चुनौतियों को कम करने के लिए समर्पित है।'
सरकार ने मार्च 2023 में अरावली ग्रीन वॉल अभियान का एलान किया था। इसका लक्ष्य गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में लगभग 64 लाख हेक्टेयर भूमि को शामिल करते हुए पांच किमी चौड़ी हरित पट्टी बफर जोन स्थापित करना है। इसके भीतर, लगभग 42% भूमि बंजर है। इस पहल को इसलिए बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि वनों की कटाई, खनन, पशुओं के चरने और मानव अतिक्रमण से मरुस्थलीकरण की स्थिति और खराब हो रही है।
चार राज्यों से लगती है अरावली की 700 किलोमीटर की सीमा
गौरतलब है कि अरावली की 700 किलोमीटर की सीमा चार राज्यों से लगती है, जिसमें दिल्ली, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा की सीमाएं शामिल हैं। इसमें 29 जिले, चार बाघ अभयारण्य और 22 वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं।