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Operation Sindoor: 'पहलगाम आतंकी हमले के आक्रोश की अभिव्यक्ति है ऑपरेशन सिंदूर', लालकिले से बोले PM मोदी

Fri, 15 Aug 2025 07:57 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पीएम मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों को लालकिले से संबोधित करते हुए ऑपरेशन सिंदूर के लिए देश के सैनिकों को नमन किया। साथ ही उन्होंने सिंधु जल समझौतै पर भी बात की और इसे एकतरफा बताया। 
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लालकिले से पीएम मोदी का संबोधन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिले की प्राचीर से दिए संबोधन में पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर पर भी बात की। अपने संबोधन के 7वें मिनट में पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर बात शुरू की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने हमारी देश की सेना के शौर्य की तारीफ की और साफ कहा कि अब खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत अब परमाणु हमले की धमकी को बर्दाश्त नहीं करेगा।
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'पहलगाम आतंकी हमले के आक्रोश की अभिव्यक्ति है ऑपरेशन सिंदूर'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'मैं देश के सैनिकों को नमन करता हूं। ऑपरेशन सिंदूर में हमारे वीर जांबाज सैनिकों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी। 22 अप्रैल को सीमापार से आए आतंकियों ने पहलगाम में लोगों को धर्म पूछ-पूछकर मारा, पत्नियों के सामने उनके पतियों को और बच्चों के सामने उनके पिता को गोलियों से छलनी कर दिया। पूरा देश आक्रोश से भरा हुआ है और पूरा विश्व भी इस जनसंहार से चौंक गया। ऑपरेशन सिंदूर उसी आक्रोश की अभिव्यक्ति है। 22 तारीख के बाद हमने हमारी सेना को खुली छूट दे दी। रणनीति, लक्ष्य वो तय करें और हमारी सेना ने वो करके दिखाया, जो कई दशकों से कभी हुआ नहीं हुआ था। सैंकड़ों किलोमीटर दुश्मन की सीमा में घुसकर आतंक की इमारतों को खंडहर बना दिया। पाकिस्तान में हुई तबाही के अभी भी नए-नए खुलासे हो रहे हैं।' 

ये भी पढ़ें- PM Modi Speech Live: लाल किले की प्राचीर से बोले पीएम मोदी- देशवासियों को पता लगा एकतरफा था सिंधु जल समझौता
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'आतंक और आतंकियों को अब हम अलग-अलग नहीं मानते'
पीएम मोदी ने कहा 'हमारा देश कई दशकों से आतंक को झेलता आया है। देश के सीने को छलनी कर दिया गया। आतंक को और आतंकियों को पालने-पोसने वालों को अब हम अलग-अलग नहीं मानते। वो मानवता के समान दुश्मन हैं, जिनमें कोई फर्क नहीं। भारत ने तय कर लिया है कि परमाणु हमले की धमकियों को हम अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे। आगे भी अगर दुश्मनों ने ये कोशिश जारी रखी तो ये सेना तय करेगी, सेना की शर्तों, समय पर मुंहतोड़ जवाब देंगे। हमने तय किया है खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे। अब देशवासियों को पता चला कि सिंधु नदी का समझौता कितना अन्यायपूर्ण और एकतरफा है। भारत की नदियों से निकला पानी दुश्मनों के खेत सींच रहा है और मेरे देश की धरती पानी के पिना प्यासी है। इस समझौते ने पिछले सात दशक से देश के किसानों का अकल्पनीय नुकसान किया।' 
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'हिंदुस्तान के हक का जो पानी है। उस पर अधिकार सिर्फ और सिर्फ हिंदुस्तान का है। हिंदुस्तान के किसानों का है। भारत कतई सिंधु समझौते को जिस स्वरूप में सहता रहा है, उसे नहीं सहेगा। किसान हित में और राष्ट्रहित में यह समझौता हमें मंजूर नहीं है।'

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