प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारत के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में वैश्विक निवेश का आह्वान करते हुए कहा कि देश में विविधता, मांग और पैमाने की तिहरी ताकत है। उन्होंने उद्योग जगत से बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग में नवाचारों में निवेश करने और पर्यावरण के अनुकूल पैकेजिंग सामग्री अपनाने का भी आग्रह किया।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम- पीएम मोदी
विश्व खाद्य भारत 2025 के चौथे संस्करण को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश और सहयोग के लिए अपने दरवाजे खुले रखे हैं। भारत में निवेश करने का यह सही समय है... हम खाद्य (प्रसंस्करण) श्रृंखला से जुड़े निवेशकों के लिए खुले हैं। हम सहयोग के लिए तैयार हैं। मैं सभी से भारत में निवेश करने का आग्रह करता हूं क्योंकि यहां अपार अवसर हैं।
उन्होंने उपस्थित लोगों को बताया कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम है और बड़ी संख्या में संस्थाएं खाद्य और कृषि क्षेत्रों में काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में निरंतर योगदान दे रहा है। सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में प्रसंस्करण क्षमता 20 गुना बढ़ गई है और खाद्य वस्तुओं का निर्यात दोगुना हो गया है।
पीएम मोदी ने कहा, आज दुनिया और विशेष रूप से खाद्य क्षेत्र के निवेशक भारत की ओर बड़ी आशा भरी नजरों से देख रहे हैं क्योंकि भारत में विविधता, मांग और पैमाने की त्रिगुण शक्ति विद्यमान है। भारत हर अनाज, हर फल और हर सब्जी का उत्पादन करता है। यही विविधता भारत को दुनिया में विशिष्ट बनाती है। हमारा भोजन और उसका स्वाद हर 100 किलोमीटर पर बदल जाता है। भारत में विविध व्यंजनों की ज़बरदस्त मांग है। यह मांग भारत को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करती है और इसे निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य भी बनाती है। आज भारत जिस पैमाने पर काम कर रहा है, वह अभूतपूर्व और अप्रत्याशित है।
10 वर्षों में भारत में 25 करोड़ लोगों ने गरीबी को मात दी- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पिछले 10 वर्षों में भारत में 25 करोड़ लोगों ने गरीबी को मात दी है। ये सभी लोग अब नव-मध्यम वर्ग का हिस्सा बन गए हैं। यह नव-मध्यम वर्ग देश का सबसे ऊर्जावान और आकांक्षी वर्ग है। इतने सारे लोगों की आकांक्षाएं हमारे खाद्य रुझानों को निर्धारित करेंगी। यही आकांक्षी वर्ग हमारी मांग को बढ़ा रही है। आज देश के प्रतिभाशाली युवा हर क्षेत्र में बदलाव ला रहे हैं। हमारा खाद्य क्षेत्र भी इसका अपवाद नहीं है।
वैश्विक खाद्य सुरक्षा में भारत कर रहा निरंतर योगदान
पीएम मोदी ने कहा, भारत वैश्विक खाद्य सुरक्षा में निरंतर योगदान दे रहा है। हमारे किसानों, हमारे पशुपालकों, हमारे मछुआरों के परिश्रम और सरकार की नीतियों से भारत का सामर्थ्य निरंतर बढ़ रहा है। बीते दशक में हमारे खाद्यान्न उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है। आज भारत दूध का सबसे बड़ा उत्पादक है, और दुनिया की 25 फीसदी दूध आपूर्ति सिर्फ भारत से होती है। हम मोटे अनाज के भी सबसे बड़े उत्पादक हैं। चावल और गेहूं में हम दुनिया में दूसरे नंबर पर हैं। फलों, सब्जियों और मत्स्य पालन में भी भारत का योगदान बहुत बड़ा है। इसलिए, जब-जब दुनिया में फसलों पर संकट आता है, आपूर्ति शृंखला प्रभावित होती है तो भारत मजबूती से अपना दायित्व निभाने के लिए सामने आता है।