पराली जलाने की वजह से हो रहे प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रवैये के बाद केंद्र सरकार भी गंभीर कदम उठाने में जुट गई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'प्रो एक्टिव गर्वनेंस एंड टाइमली इम्पलिमेंटेशन'(प्रगति) की 31वीं बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने कृषि विभाग, किसान कल्याणकारी विभाग को पंजाब, हरियाणा और यूपी के किसानों को प्राथमिकता के आधार पर उपकरण दिए जाने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने आपात बैठक की थी। वह खुद प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर 24 घंटे निगरानी रख रहा है। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा और कैबिनेट सचिव राजीव गाबा ने भी इस मुद्दे पर उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी। मीटिंग में दिल्ली के अधिकारियों के अलावा पंजाब और हरियाणा की राज्य सरकारों के अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़े थे।