प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे पर भावनगर में 'फेरी सेवा' के पहले चरण का उद्घाटन किया। अपने ड्रीम प्रोजेक्ट का उद्घाटन करते हुए मोदी ने बताया कि यह प्रोजेक्ट कांग्रेस की वजह से लेट हुआ है। महीने भर में पीएम का यह तीसरा दौरा है।
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दाहेज पहुंचे जहां उन्होंने स्कूली बच्चों से मुलाकात की। इसके बाद एक सभा को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि सरकार देश में एक नई कार्य संस्कृति विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि मैं खोज-खोज कर फाइल निकलवा रहा हूं और जो परियोजनाएं दशकों से अटकी पड़ी थी उन्हें पूरा करवा रहा हूं।
मोदी ने कहा कि भारत को अधिक से अधिक बंदरगाहों की जरूरत है। पीएम ने कहा कि हमारा मानना है कि अकेले सागर माला परियोजना लगभग 1 करोड़ नौकरियां प्रदान करेगी।
क्या है मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट 'रो-रो फेरी' सर्विस? जिसने 360km का रास्ता घटाकर किया 31km
जानिए क्या क्या बोले मोदी
कार्यक्रम की शुरुआत में मोदी ने कहा कि रियोजना शुरू होने के बाद देश का लाखों लीटर डीजल पेट्रोल बचने जा रहा है। मोदी ने आगे बताया कि यह प्रोजेक्ट पहले पूरा हो सकता था लेकिन पहले की केंद्र सरकार (कांग्रेस) ने साथ नहीं दिया था। मोदी ने कहा कि यह प्रोजेक्ट इंजीनियर्स और गुजरात सरकार दोनों के लिए ही चुनौती से भरा था। मोदी ने बताया कि अभी जो सड़क मार्ग का रास्ता है उसपर काफी जाम लगा रहता है, जो कि इस सर्विस के शुरू होने के बाद काफी कम हो जाएगा।
पीएम ने आगे कहा कि समुद्र द्वार देश की तरक्की के गेटवे होते हैं और पिछले दशक में इसके लिए कुछ काम नहीं हुआ। मोदी ने बताया कि गुजरात की रो-रो सर्विस साउथ एशिया की सबसे बड़ी सर्विस होगी।
रो-रो फेरी सर्विस सेवा भावनगर जिले के घोघा से बरूच जिले के दाहेज तक के लिए है। मोदी इसे अपना 'ड्रीम प्रोजेक्ट' बता चुके हैं, इस सर्विस से दोनों शहरों की दूरी जो कि सड़क से 310 किलोमीटर पड़ती है वह घटकर 30 किलोमीटर हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट की आधारशिला मोदी ने जनवरी 2012 में गुजरात के सीएम रहते हुए रखी थी।
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