कोरोना से निपटने के लिए केंद्र सरकार अब सर्वाधिक प्रभावित पांच राज्यों और बड़े शहरों के लिए खास रणनीति बनाएगी। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ कोरोना से निपटने की रणनीति पर चर्चा की। इस दौरान यह तय हुआ कि महाराष्ट्र, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और पश्चिम बंगाल के साथ ही इंदौर जैसे चुनिंदा शहरों के लिए अलग रणनीति बनाई जाए।
प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक बैठक में प्रधानमंत्री ने गृहमंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सहित अपने प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, स्वास्थ्य सचिव और आईसीएमआर के महानिदेशक से वायरस से जुड़े सभी पहलुओं पर बातचीत की। बैठक में अगले दो महीने के अनुमान, रोज मामलों में हो रही बढ़ोत्तरी के अनुरूप जांच और अस्पतालों में बेड संख्या पर भी चर्चा हुई। कोरोना के दो-तिहाई मामले उन्हीं राज्यों और शहरों में है जिनके लिए सरकार अलग रणनीति बनाने जा रही है।
स्वस्थ होने की दर राहत की खबर
सूत्रों के मुताबिक बैठक में कोरोना संक्रमितों के स्वस्थ होने की दर पर भी चर्चा हुई। कई राज्यों में इसमें सुधार पर संतुष्टि जाहिर करते हुए वहां और सुधार के उपायों पर मंथन हुआ। फिलहाल 13 राज्यों में स्वस्थ मरीजों की संख्या सक्रिय मामलों से ज्यादा है। इनमें गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे वायरस से बुरी तरह प्रभावित राज्य भी शामिल हैं।
सबसे बड़ी चिंता दिल्ली-महाराष्ट्र की
केंद्र सरकार की बड़ी चिंता दिल्ली और महाराष्ट्र को लेकर है। यहां स्वस्थ होने की दर में सुधार नहीं हो रहा है। महाराष्ट्र में अब भी संक्रमित होने वालों की संख्या स्वस्थ होने वालों से बहुत ज्यादा है। यही स्थिति दिल्ली की है। प. बंगाल, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में भी स्वस्थ होने वालों से संक्रमित होने वालों की संख्या ज्यादा है।
इन राज्यों में ब्रेक लगने से बदलेगी तस्वीर
केंद्र सरकार की रणनीति है कि दूसरे राज्यों भी स्वस्थ होने की दर में इतनी बढ़ोत्तरी हो कि यह संख्या संक्रमित होने वालों से ज्यादा हो जाए। बैठक में इसी रणनीति को अमली जामा पहनाने पर चर्चा हुई। पीएम मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक से पहले इस रणनीति को अमल में लाने के लिए अगले दो दिनों में कई विशेषज्ञों से बातचीत करेंगे।