गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक
- फोटो : ANI
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर की स्थिति पर चर्चा के लिए शनिवार को नई दिल्ली में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ सर्वदलीय बैठक की है। इस बैठक में मौजूद सभी नेताओं ने मणिपुर की स्थिति पर अपनी बात रखी। दो दिन पहले ही कांग्रेस पार्टी ने कहा था कि यह बैठक बहुत देर से हो रही है। अगर मणिपुर के लोगों के साथ बातचीत की कोशिश दिल्ली में बैठकर की जाएगी, तो इसमें गंभीरता नहीं दिखेगी। राहुल गांधी ने कहा था कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश यात्रा पर हैं, तब यह बैठक बुलाई जा रही है। मतलब यह बैठक पीएम के लिए महत्वपूर्ण नहीं थी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, मणिपुर 50 दिनों से जल रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री चुप रहे। सर्वदलीय बैठक तब बुलाई गई, जब प्रधानमंत्री स्वयं देश में नहीं हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक में कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहले दिन से ही मणिपुर की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। पूरी संवेदनशीलता के साथ इस समस्या का समाधान ढूंढने के लिए निरंतर हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं।
सोनिया गांधी ने कहा, यह हिंसा राष्ट्र की अंतरात्मा पर घाव ...
बता दें कि कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को एक वीडियो संदेश जारी किया था। उन्होंने मणिपुर के लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस हिंसा ने हमारे राष्ट्र की अंतरात्मा पर एक गहरा घाव छोड़ा है। मणिपुर में लोगों का जीवन तबाह कर दिया गया। हजारों लोगों को उजाड़ दिया गया है। इस हिंसा ने हमारे राष्ट्र की अंतरात्मा में एक गहरा घाव छोड़ा है। इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा, सोनिया गांधी के संदेश के बाद केंद्र सरकार जागी है। इस गंभीर समस्या पर होनी वाली बैठकों से पीएम का दूर रहना उनकी कायरता दिखाता है। इससे पता चलता है कि वे अपनी असफलताओं का सामना नहीं करना चाहते हैं। जब कई नेताओं ने कई बार उनसे मिलने की कोशिश की, तब भी वे समय नहीं निकाल सके। कांग्रेस नेता ने अमित शाह पर भी आरोप लगाया कि जब से वे मणिपुर का दौरा करके लौटे हैं, तब से हालात और बिगड़ गए हैं। उनके दौरे से कोई बात नहीं बनी। ऐसे में मणिपुर की पक्षपात करने वाली सरकार को न हटाना और राष्ट्रपति शासन लागू न करना एक मजाक जैसा लग रहा है।
40 आईपीएस अधिकारियों को मणिपुर भेजा ...
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा, सभी राजनीतिक दलों ने संवेदनशीलता के साथ और अराजनीतिक तरीके से मणिपुर में शांति बहाली के लिए अपने सुझाव दिए और भारत सरकार खुले मन से इन सुझावों पर विचार करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहले दिन से ही मणिपुर की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वे पूरी संवेदनशीलता के साथ इस समस्या का समाधान ढूंढने के लिए निरंतर हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं। मोदी सरकार सबको साथ लेकर मणिपुर समस्या का समाधान निकालने के प्रति कटिबद्ध है। मोदी सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य में अब एक भी व्यक्ति की जान हिंसा में ना जाए। मणिपुर में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। 13 जून की देर रात के बाद से राज्य में एक भी व्यक्ति की जान हिंसा में नहीं गई। अब तक 1800 लूटे गए हथियार जमा कराए जा चुके हैं। राज्य में सुरक्षाबलों के 36 हजार जवान तैनात हैं। 40 आईपीएस अधिकारियों को मणिपुर भेजा गया है। 20 मेडिकल टीमें भेजी गई हैं। दवाओं सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
80 किलोमीटर सीमा पर बाड़ लगाने के लिए टेंडर ...
गृह मंत्री ने बताया, म्यांमार और मणिपुर सीमा पर 10 किलोमीटर बाड़ लगाने का काम पूरा हो चुका है। 80 किलोमीटर सीमा पर बाड़ लगाने के लिए टेंडर किया गया है। बाकी बची सीमा का सर्वेक्षण चल रहा है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से स्थिति को सामान्य करने और मणिपुर में विभिन्न समुदायों के बीच जल्द से जल्द शांति और विश्वास बहाल करने में मदद के लिए सहयोग करने का आग्रह किया है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों का मणिपुर समस्या के समाधान के लिए उपयोगी सुझाव देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार की ओर से आभार प्रकट किया। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, भारत सरकार और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा मणिपुर समस्या के त्वरित समाधान के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।