गोरक्षा के नाम पर अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ लोगों की पीट पीट कर हत्या और बढ़ती असहिष्णुता भी एक समय बड़ा मुद्दा बना। इसके विरोध में लेखक-कलाकरों और विभिन्न क्षेत्रों की नामचीन हस्तियों ने अवार्ड वापसी अभियान शुरू कर सरकार की परेशानी बढ़ाई। इसके अलावा देश में बेरोजगारी दर के 45 साल पुराना रिकार्ड तोड़ने के मामले में भी सियासी विवाद हुआ।
राम मंदिर निर्माण
कभी ज्यादा तो कभी कम राम मंदिर निर्माण की गरमाहट पांच सालों तक बनी ही रही। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में मध्यस्थता की राह सुझाई है और मध्यस्थों के नाम भी तय कर दिए गए हैं। मंदिर निर्माण को लेकर पिछले तीन महीनों से सरगर्मी ज्यादा है।
हिंदू संगठनों और संतों ने सरकार पर तारीख घोषित करने और अध्यादेश जैसे मुद्दे लाने के लिए सरकार पर लगातार दबाव बनाया। धर्म संसद जैसे कार्यक्रम हुए। संघ ने इस मुद्दे पर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विश्व हिंदू परिषद ने राम मंदिर निर्माण के लिए फिर से कारसेवा की धमकी दी जिससे सियासत गरम हुई।
और अंत में एयर स्ट्राइक
14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद 26 फरवरी को पाकिस्तान में घुसकर वायुसेना ने एयर स्ट्राइक कर आतंकी ठिकानें ध्वस्त किए थे। इसके बाद सियासी परिदृश्य भी बदल गया। देश में जहां सरकार की वाहवाही के रूप में माहौल बनने लगा वहीं विपक्षी इसकी काट खोजने में जुट गया।