कांग्रेस ने राफेल विमान सौदे में भारी घोटाला होने का आरोप लगाया है। इस हमले से व्यथित प्रधानमंत्री ने कहा है कि कांग्रेस सत्ता में रहते हुए भी फेल थी, और अब विपक्ष में रहकर भी फेल है। उन्होंने कांग्रेस पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे काम का मुकाबला कर सकते हैं, लेकिन नकारात्मक झूठे प्रचार का मुकाबला नहीं कर सकते। भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय कार्यकारिणी की बैठक में रविवार को बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब काम का मुकाबला होगा तो कांग्रेस एक परिवार के 48 साल के शासन के मुकाबले हमारे 48 महीने के काम का मुकाबला होगा। और मुझे पूरा विश्वास है कि इस मुकाबले में कांग्रेस कहीं नहीं ठहरेगी। क्योंकि तब हम पूंछेंगे कि उन्होंने 48 साल तक किसके लिए काम किया। लेकिन जिस झूठ का प्रचार किया जा रहा है, उसका मुकाबला नहीं किया जा सकता। हालांकि उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कांग्रेस के कथित झूठ का मुकाबला सरकार के जनहितकारी काम से देने का आग्रह किया। कांग्रेस नेता का नेतृत्व किसी को स्वीकार्य नहीं पीएम मोदी ने अगले चुनाव में महागठबंधन बनने की संभावनाओं पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष का जो सबसे बड़ा दल है उसके नेतृत्व पर किसी को कोई भरोसा नहीं है। छोटा से छोटा दल भी कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व पर भरोसा नहीं करता। उन्होंने कहा कि बाहर के दलों के नेताओं की बात तो छोड़िए, खुद कांग्रेस पार्टी के ही कई नेता अपनी पार्टी के नेता के नेतृत्व को स्वीकार नहीं करते। ऐसे में विपक्ष के महागठबंधन का बनना संभव नहीं है। पीएम के मुताबिक महागठबंधन के नेतृत्व का कोई ठिकाना नहीं है, नीति का पता नहीं है, लेकिन नीयत भ्रष्ट है। पीएम ने कहा कि भाजपा की इससे बड़ी सफलता क्या होगी कि जिन दलों के लोग एक दूसरे का चेहरा तक देखना मंजूर नहीं करते थे, वे आज आपस में मिलने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि इसे भाजपा को अपनी बड़ी जीत मानना चाहिए। सत्ता सेवा का माध्यम पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि कांग्रेस के लिए सत्ता सुख लेने का एक माध्यम थी। लेकिन उनके लिए सत्ता सेवा का एक माध्यम है। यही कारण है कि गांधी और सरदार पटेल के गुजरात में जबसे एक बार हमने सरकार बनाई है, कांग्रेस का यह किला हमेशा के लिए ढह गया। उन्होंने कहा कि वे ममता के साथ समतापूर्ण विकास करना चाहते हैं। उन्होंने जब उज्ज्वला, आयुष्मान भारत और बिजली देने की योजना की शुरुआत की, तब किसी जाति, धर्म या संप्रदाय के आधार पर भेद करके नहीं दिया। क्योंकि उनकी योजना राष्ट्र के लिए थी और यह देश सबका है। पीएम मोदी ने बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी और कहा कि भाजपा की तरफ से अटल जी को सच्ची श्रद्धांजलि वह होगी कि उन्होंने जो दीप जलाया है, उसे आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने अजेय भारत, अटल भाजपा का नारा दिया और कार्यकर्ताओं से अगले आने वाले चुनाव के लिए जुट जाने को कहा। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास उनके साथ है, और इसी को अपनी ताकत बनाकर अगले चुनाव में उतरें। चुनाव के दौरान बनने वाले हर बूथ को उन्होंने चौकी का नाम देते हुए कहा कि अगर चौकी पर जीत सुरक्षित रहेगी तो संगठन का किला हमेशा अजेय रहेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से हर बूथ पर जीत हासिल करने की बात कही। इससे बचते रहे पीएम, शाह भाजपा ने अगले साल होने वाले चुनाव को लेकर इस बार राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव में चुनाव और सरकार को लेकर तमाम मुद्दे शामिल हुए। लेकिन राममंदिर मुद्दे पर पार्टी ने कोई चर्चा नहीं की। इसी तरह एससीएसटी एक्ट को लेकर सामान्य वर्ग में चल रहे गुस्से पर भी भाजपा ने अपनी रणनीति का खुलासा नहीं किया। इसके अलावा महंगाई, बढ़ते पेट्रोल के दाम और विपक्ष के सोमवार को आयोजित भारत बंद पर पार्टी ने अपना रुख साफ नहीं किया।