नेपाल बस हादसे पर दुख जताया
उन्होंने नेपाल बस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि मैं नेपाल बस हादसे को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त करना चाहता हूं। इस हादसे में हमने महाराष्ट्र के अनेक साथियों को खोया है। मैं सभी पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। जैसे ही ये हादसा हुआ, भारत सरकार ने तुरंत नेपाल सरकार से संपर्क किया। हमने हमारी मंत्री रक्षा खडसे को तुरंत नेपाल जाने के लिए कहा। हमारे जो परिजन नहीं रहे उनके पार्थिव शरीर को हम वायु सेना के विमान से वापस लाए हैं। जो घायल हैं, उनका अच्छे से इलाज चल रहा है। मैं उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
नारी शक्ति को लेकर पीएम मोदी की बड़ी बातें
- प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज यहां लखपति दीदी का महासम्मेलन हो रहा है। मेरी बहनें यहां बड़ी संख्या में उपस्थित हैं। आज यहां से देशभर के लाखों सखी मंडलों के लिए 6 हजार करोड़ से अधिक की राशि जारी की गई है। मेरी सभी माताओं-बहनों को बहुत-बहुत शुभेच्छा।
- प्रधानमंत्री ने कहा, 'लोकसभा चुनाव के दौरान जब मैं आपके पास आया था, तो मैंने वादा किया था कि हमें 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाना है। इसका मतलब है कि जो महिलाएं स्वयं सहायता समूहों में काम करती हैं और उनकी सालाना आय एक लाख रुपये से अधिक है। पिछले 10 साल में एक करोड़ लखपति दीदी बनीं और सिर्फ दो महीने में 11 लाख और लखपति दीदी एक करोड़ बन गईं।'
- उन्होंने कहा कि हमें महाराष्ट्र का विकास करके, महाराष्ट्र का नाम पूरी दुनिया में और ऊंचा करते रहना है। महाराष्ट्र के संस्कारों को यहां के वीर और धीर माताओं ने सृजित किया है। यहां की मातृशक्ति ने पूरे देश को प्रेरित किया है। लखपति दीदी बनाने का ये अभियान, सिर्फ बहनों-बेटियों की कमाई बढ़ाने का ही अभियान नहीं है। ये पूरे परिवार को, आने वाली पीढ़ियों को सशक्त कर रही है। ये गांव के पूरे अर्थतंत्र को बदल रही हैं।
- पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज चुनौती देता हूं- पहले की सरकारों के सात दशक एक तरफ रख लीजिए और दूसरे तराजू में मोदी सरकार के 10 साल रख लीजिए, जितना काम मोदी सरकार ने देश के बहन-बेटियों के लिया किया है, वो आजादी के बाद किसी सरकार ने नहीं किया है।
- उन्होंने कहा कि ये हमारी सरकार ने तय किया कि जो गरीबों के घर सरकार बनाती है तो वो महिलाओं के नाम पर रजिस्टर्ड हों। अभी तक जो 4 करोड़ घर बने हैं, वो अधिकतर महिलाओं के नाम पर हैं। अभी हम 3 करोड़ और घर बनाने वाले हैं, इनमें से भी अधिकतर घर हमारे माताओं-बहनों के नाम पर ही होंगे।
- उन्होंने कहा कि आज सवा लाख से अधिक बैंक सखियां, गांव-गांव बैंकिंग सेवाएं दे रही हैं। अब हम बहनों को ड्रोन पायलट भी बना रहे हैं ताकि वे ड्रोन से आधुनिक खेती करने में किसानों की मदद कर पाएं। आधुनिक खेती और प्राकृतिक खेती के लिए हम नारीशक्ति को नेतृत्व दे रहे हैं, इसके लिए हमने कृषि सखी कार्यक्रम शुरू किया है।