फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएम मोदी ने सत्ता के गलियारे से परिक्रमा संस्कृति खत्म की: मुख्तार अब्बास नकवी

Sat, 19 Sep 2020 04:43 AM IST
Kuldeep Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी - फोटो : एनआई
विज्ञापन

अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने किसी दल का नाम लिए बिना विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता के गलियारे से ‘परिक्रमा संस्कृति’ को खत्म कर ‘परिश्रम और परिणाम’ को प्रमाणिक बनाया है। सत्ता और सियासत के गलियारे में दशकों से परिक्रमा को ही पराक्रम समझने वाले आज परिश्रम और परिणाम की कार्य संस्कृति के चलते हाशिये पर चले गए हैं। पद्म पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मान पहले केवल सियासी सिफारिशों के जरिये दिए जाते थे। आज उन लोगों को यह सम्मान दिया जा रहा है, जो वास्तव में इसके असली हकदार हैं।

विज्ञापन


कहा, सामंती सोच वाली लाल बत्ती इतिहास का हिस्सा बन गई
नकवी ने कहा, सामंती सोच वाली लाल बत्ती इतिहास का हिस्सा बन गई। कई सांसदों को सब्सिडी ‘जन्मसिद्ध अधिकार’ लगती थी, जो एक झटके में खत्म हुई। मंत्री या सांसद न रहने के बावजूद कुछ लोगों को सरकारी बंगलों पर कब्जा रखना ‘सांविधानिक अधिकार’ लगता था, उसे खत्म किया गया। पहले मंत्रालयों का मार्च से पहले बजट को ऊल-जुलूल तरीके से खत्म करना सरकार की प्राथमिकता थी, यह काम चलाऊ दकियानूसी व्यवस्था खत्म हुई।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, सरकारें बदलती थीं, मंत्री बदलते थे, लेकिन वर्षों से मंत्रियों के निजी स्टाफ वही रहते थे, जिसका नतीजा होता था कि सत्ता के गलियारे में घूमने वाले बिचौलिये उस निजी स्टाफ के जरिये बरकरार रहते थे। 10 वर्षों से जमे निजी स्टाफ को मंत्रालय में रखने पर रोक लगाकर प्रधानमंत्री ने पेशेवर बिचौलियों के पर काट दिए। पीएम ने मंत्रियों के साथ अधिकारियों से संवाद संस्कृति शुरू की, जिसके चलते नौकरशाही की जवाबदेही और जिम्मेदारी बढ़ी।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें