फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Assam: असम में आपात लैंडिंग सुविधा की शुरुआत, पीएम मोदी के विमान की हुई ऐतिहासिक लैंडिंग; जानें सबकुछ

Sat, 14 Feb 2026 10:54 AM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डिब्रूगढ़

सार

Emergency Landing Facility: पूर्वोत्तर राज्य असम के डिब्रूगढ़ में पीएम मोदी की मौजूदगी में मोरन बाईपास पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) की शुरुआत की गई है। ऐसे में पहली बार नेशनल हाइवे पर प्रधानमंत्री के विमान की लैंडिंग कराई गई। जो कि अपने आप में एतिहासिक पल था। 
विज्ञापन
पीएम मोदी के विमान की ईएलएफ पर लैंडिंग - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चीन सीमा के करीब देश की सामरिक शक्ति में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वायुसेना के विशेष विमान से डिब्रूगढ़ जिले में मोरान बाईपास पर बनी आपात लैंडिंग सुविधा पर उतरे। प्रधानमंत्री मोदी की लैंडिंग के साथ ही हाइवे पर स्थित यह पट्टी वायुसेना के रणनीतिक नेटवर्क का हिस्सा बन गई। पीएम मोदी ने भारतीय वायुसेना के सी-130जे सुपर हरक्यूलिस (C-130J Super Hercules) से लैंड किया।
विज्ञापन


इसी के साथ भारतीय वायुसेना के सुखोई Su-30MKI ने डिब्रूगढ़ के मोरन बाईपास पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) से उड़ान भरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वहां मौजूद अन्य लोगों ने उड़ान भरते हुए देखा।

पीएम का विमान उतरना ऐतिहासिक पल
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी डिब्रूगढ़ में मोरन बाईपास पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी पर उतरे। जो कि एक ऐतिहासिक पल रहा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान से ईएलएफ पर उतरे। इसके बाद उन्होंने यहां फाइटर, ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टर का हवाई प्रदर्शन (एयर शो) देखा। बता दें कि ईएलएफ पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली सुविधा है। इसके निर्माण से आपात के दौरान सेना और नागरिक विमान की लैंडिंग और टेक-ऑफ में मदद मिलेगी।
विज्ञापन


देखें पीएम मोदी के विमान की लैंडिंग की Video....


क्या है इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी? 
दरअसल, ईएलएफ यानी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी युद्ध और आपात स्थिति में वैकल्पिक रनवे की सुविधा है। जहां हाईवे पर पट्टी बनाई जाती है। जो कि युद्ध या आपातकाल में लड़ाकू विमानों, ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टरों के लिए वैकल्पिक लैंडिंग की जगह देती है। ईएलएफ 40 टन तक के फाइटर विमान और 74 टन तक के अधिकतम टेक-ऑफ भार वाला परिवहन विमान को संभालने में सक्षम है।
विज्ञापन


बता दें कि देशभर में 28 ईएलएफ की योजना है। फिलहाल असम को छोड़कर देश में ऐसे पांच जगह ऐसी सुविधा है। असम में यह सुविधा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह चीन सीमा के काफी पास है। जो कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

ये भी पढ़ें: असम हाईवे एयरस्ट्रिप: चीनी सीमा के पास वायुसेना का पराक्रम, फाइटर जेट ने एयरशो में दिखाया दमदार प्रदर्शन

इन पांच जगह देश में ईएलएफ की सुविधा
  • राजस्थान के बाड़मेर (NH-925A)
  • उत्तर प्रदेश के आगर-लखनऊ एक्सप्रेसवे
  • उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
  • ओडिशा के बालासोर (NH-16)
  • आंध्र प्रदेश के नेल्लोर (NH-16)

खबर से संबंधित वीडियो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें