पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : ANI
बार-बार संघर्ष विराम का क्रेडिट ले रहे थे ट्रंप
पहलगाम में हुए आतंकी हमलों के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर भारत के पलटवार के बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष छिड़ गया था। चार दिनों के संघर्ष के बाद पाकिस्तान ने भारत से विराम की गुहार लगाई थी। हालांकि, भारत की ओर आधिकारिक एलान से पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर इस संघर्ष विराम का एलान कर दिया। इसके बाद कई मौकों पर वे इसके लिए ट्रेड डील को बड़ा फैक्टर बताते रहे। हालांकि, भारत ने हर बार इन बयानों का खंडन किया।
हालिया घटनाक्रम में पिछले महीने ही ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने को लेकर कहा था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य तनाव को व्यापार समझौते (ट्रेड डील) के जरिए सुलझाया। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा से व्हाइट हाउस में मुलाकात के दौरान कहा था कि अगर आप देखेंगे कि हमने अभी पाकिस्तान और भारत के साथ क्या किया, हमने पूरा मामला सुलझाया। पूरा मामला ट्रेड के जरिए सुलझा।
ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानिए
भारत ने 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें दहशतगर्दों ने 26 लोगों की नृशंत हत्या कर दी थी। इसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसका भारत ने करारा जवाब दिया। दोनों देशों के बीच चार दिन तक ड्रोन और मिसाइल हमले हुए। अंत में पाकिस्तान की हालत खराब हो गई और उसकी अपील के बाद 10 मई को भारत ने संघर्ष विराम पर सहमति जताई। उसी दिन ट्रंप ने एलान किया कि अमेरिका की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच यह समझौता हुआ। हालांकि, भारत ने इसका खंडन किया।