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West Asia Conflict: सऊदी के क्राउन प्रिंस से PM मोदी ने की बात, ऊर्जा संयंत्रों पर हमले की निंदा की

Sat, 28 Mar 2026 06:21 PM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच पश्चिम एशिया संकट को लेकर हुई यह बातचीत क्षेत्र में शांति और स्थिरता स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। भारत इस क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सक्रिय रूप से कूटनीतिक भूमिका निभा रहा है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है।
 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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पश्चिम एशिया संकट में गहराते संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस सह प्रधानमंत्री प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बात की। दोनों के बीच पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, 'मैंने ऊर्जा के बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों को लेकर भारत के रुख को दोहराया।'
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पीएम मोदी ने क्षेत्रीय हालात का जिक्र करते हुए लिखा, 'हम इस बात पर सहमत हुए कि नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना और शिपिंग लाइनों को खुला और सुरक्षित रखना आवश्यक है। सऊदी अरब में भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए मिल रहे निरंतर समर्थन के लिए मैंने उनका आभार भी प्रकट किया।

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पश्चिम एशिया में शांति क्यों जरूरी?
भारत का मानना है कि क्षेत्र में शांति बनाए रखना न केवल वहां के लोगों के लिए, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। इस बातचीत में यह भी चर्चा हुई कि कैसे विभिन्न देश मिलकर इस संकट का समाधान निकाल सकते हैं। भारत ने हमेशा से ही संवाद और कूटनीति के माध्यम से संघर्षों को हल करने का समर्थन किया है।

भारत चाहता है बातचीत से निकले ईरान युद्ध का हल 
पीएम मोदी पहले ही कई मौकों पर कह चुके हैं कि यह युद्ध का युग नहीं है। रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग को लेकर भी पीएम मोदी अपनी इसी बात को दोहरा चुके हैं। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया भारत के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम करते हैं। इसके साथ ही भारत की ऊर्जा सुरक्षा भी इस क्षेत्र से जुड़ी हुई है।
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माना जा सकता है कि पश्चिम एशिया की स्थिरता भारत के राष्ट्रीय हितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल क्षेत्र में शांति बनाए रखने और भारत के हितों की रक्षा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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