पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को उम्मीद जताई कि सार्क की सतत प्रगति में पैदा हो गए ‘अंतराल’ को जल्द ही खत्म कर दिया जाएगा। दक्षिण एशियाई देशों के संगठन सार्क के 35वें चार्टर-डे पर अपने संदेश में इमरान ने कहा कि उनका देश क्षेत्रीय सहयोग की ताकत और सहयोग में दृढ़ विश्वास करता है।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, 8 दिसंबर उस दिन के तौर पर चिह्नित है, जब नेताओं ने दक्षिण एशिया की तरक्की और समृद्धि के लिए साथ मिलकर काम करने की शपथ लेते हुए सार्क चार्टर को लागू किया था। बता दें कि पहली बार सार्क सम्मेलन का आयोजन 8 दिसंबर, 1985 को ढाका में हुआ था।
आखिरी सार्क शिखर सम्मेलन का आयोजन 2014 में काठमांडू में किया गया था। इसके बाद वर्णक्रम के हिसाब से 2016 में सार्क सम्मेलन का आयोजन इस्लामाबाद में होना था, लेकिन पाक समर्थित आंतकियों के जम्मू-कश्मीर के उड़ी सैन्य शिविर पर हमले के बाद भारत ने इस सम्मेलन में भागीदारी से इनकार कर दिया था।
इसके बाद बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने भी इस्लामाबाद में आयोजित सम्मेलन में भाग लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद से अभी तक सार्क सम्मेलन नहीं हो पाया है।