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लोकसभा में हंगामे पर क्या बोले पीएम?: कागज उछालना असम का अपमान, कांग्रेस को संविधान शब्द बोलने का अधिकार नहीं

Thu, 05 Feb 2026 06:14 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में हुए हंगामे पर तीखा बयान देते हुए कहा कि कांग्रेस ने न केवल राष्ट्रपति और संविधान का अपमान किया, बल्कि पूर्वोत्तर और दलित सांसदों का भी अपमान किया।
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पीएम मोदी। - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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प्रधानमंत्री ने कहा "कांग्रेस ने बीते दिनों राष्ट्रपति जी का अपमान किया। चुनाव के बाद जिस प्रकार से हमारी राष्ट्रपति जी के लिए शब्द कहे गए। शर्मिंदगी महसूस होती है कि यह कैसे लोग हैं। भारत की राष्ट्रपति जी के लिए क्या कह रहे हैं ये लोग? कल लोकसभा में भी राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर चर्चा नहीं हो पाई। ये राष्ट्रपति पद का घोर अपमान है। उन्हें संविधान शब्द बोलने का अधिकार नहीं है। गरीब-आदिवासी परिवार से आई महिला का आपने अपमान किया है। आपने संविधान का अपमान किया है।"

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कांग्रेस को असम की जनता से नफरत 
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में बुधवार को लोकसभा में हुए हंगामे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आसन पर हमारे एक सांसद बैठे थे, उस वक्त कागज फेंके गए। क्या यह पूर्वोत्तर-असम का अपमान नहीं है? आंध्र के दलित परिवार का बेटा बैठा था वहां। यानी आपने पूर्वोत्तर के बेटे का अपमान और आंध्र के बेटे का अपमान किया। वे दलित समाज से आते हैं, इसलिए आप उनका अपमान करते हैं। ऐसा लगता है कि कांग्रेस के लोगों को असम की जनता से नफरत है। उन्हें लगता है कि असम की जनता ने उनका साथ छोड़ दिया इसलिए वे उनके दुश्मन हो गए।

भूपेन हजारिका पर भी किया कटाक्ष
मोदी ने कहा कि मुझे तकलीफ होती है कि उन्हें भारत रत्न भूपेन हजारिका की भी कोई परवाह नहीं है। हमारा सौभाग्य है कि उनका देश के लिए जो योगदान था, पूर्वोत्तर से उन्होंने अपनी वाणी, विचारों से जोड़ा, हमने उन्हें भारत रत्न देने का निर्णय किया। लेकिन उन्हें उनसे भी समस्या है।
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टीएमसी और कांग्रेस पर भी साधा निशाना 
प्रधानमंत्री मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा और कहा कि हमारे तृणमूल कांग्रेस के साथियों ने बहुत कुछ कहा। निर्मम सरकार और उसके पतन के जितने भी पैरामीटर्स हैं, उन सब में वे नए रिकॉर्ड बना रहे हैं और यहां उपदेश दे रहे हैं। (बंगाल में) क्या हाल किया है। ऐसी निर्मम सरकारों से भारत का भविष्य डूब रहा है। उनके लिए महिलाओं पर अत्याचार होता है तो होते रहे, सत्ता नीति के अलावा कुछ करना नहीं है। वे हमें यहां उपदेश दे रहे हैं। ऐसे मुद्दों पर आंखें मूंदकर बैठे हुए लोग हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हो, टीएमसी हो, डीएमके हो, लेफ्ट हो, ये दशकों से केंद्र में सत्ता में रहे हैं। सत्ता के भागीदार रहे हैं। राज्यों में भी उन्हें सरकार चलाने का अवसर मिला है। लेकिन उनकी पहचान क्या बनी है। आज डील की चर्चा होती है तो गर्व से कहते हैं, तब बोफोर्स डील याद आता था। उन्होंने सिर्फ जेब भरने का काम किया। नागरिकों की जिंदगी में बदलाव उनकी प्राथमिकता नहीं थी। पीएम ने कहा 'एक हमारे माननीय सदस्य यहां बैठे बोल रहे थे। जिनकी सरकार शराब में डूब गई। जिनका शीशमहल हर एक की आंखों में बैठ गया। ऐसे सभी साथियों से मैं कहूंगा कि तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छिपाओगे?'
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