प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को राज्य में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मतुआ समुदाय के आध्यात्मिक गुरु श्री श्री हरिचंद ठाकुर को उनकी 212वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी। साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी इस अवसर को मनाने के लिए आयोजित किए जा रहे मतुआ महा मेले के अवसर पर समुदाय को बधाई दी।
पीएम मोदी ने एक ट्वीट में कहा कि मैं श्री श्री हरिचंद ठाकुर जी को उनकी जयंती पर नमन करता हूं। असमानता को दूर करने और सद्भाव को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका अद्वितीय है। आगे उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक गुरु श्री श्री हरिचंद ठाकुर ने सामाजिक न्याय पर जोर दिया और लोगों के बीच आगे की शिक्षा के लिए काम किया। हम उनके आदर्शों को पूरा करने के लिए काम करते रहेंगे।
वहीं सीएम ममता बनर्जी ने ट्विटर पर विभाजनकारी विचारों से मुक्त समाज की दिशा में काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज, उनकी जयंती पर, मैं महान श्री श्री हरिचंद ठाकुर को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। शिक्षित करने और वंचितों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित करते हुए, उन्होंने हम सभी के लिए एक मिसाल कायम की। आइए हम विभाजनकारी विचारों से मुक्त एक समतावादी समाज की दिशा में काम करने का संकल्प लें।
अमित शाह ने ट्वीट कर कहा कि मटुआ समुदाय की विरासत के जीवंत प्रदर्शन के साथ मतुआ महा मेला 2023 आज से शुरू हो रहा है। धार्मिक उत्सव के तीर्थयात्रियों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।
अखिल भारतीय मटुआ महासंघ द्वारा आयोजित मेले में संप्रदाय के संस्थापक का आशीर्वाद लेने के लिए सप्ताह के दौरान लगभग 45 लाख लोगों के आने का अनुमान है। केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के ठाकुरनगर में मेले का दौरा किया।
बंगाल में अनुमानित 30 लाख मतुआ समाज के लोग रहते हैं। साथ ही कम से कम पांच लोकसभा सीटों और नदिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों की लगभग 50 विधानसभा सीटों पर समुदाय का प्रभाव है। मतुआ समुदाय के सदस्य राज्य की अनुसूचित जाति की आबादी का एक बड़ा हिस्सा हैं। 1950 के दशक में पूर्वी पाकिस्तान और फिर बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण पश्चिम बंगाल की ओर पलायन कर कर गए।