भाजपा को पता है कि लगातार कमजोर हो रही कांग्रेस की जगह अगर क्षेत्रीय दलों का फ्रंट बना तो बड़ी चुनौती होगी। छह साल से राष्ट्रवाद की चर्चा के बाद दिल्ली के नतीजे से कल्याणकारी राज्य पर बहस शुरू हो गई है। गुजरात मॉडल के बाद दिल्ली मॉडल चर्चा में है। क्षेत्रीय दल साथ आए तो गुजरात बनाम दिल्ली मॉडल पर बहस छिड़ सकती है।
मोदी-जगन की मुलाकात
बुधवार को आंध्रप्रदेश के सीएम की पीएम मोदी से लंबी मुलाकात हुई। सूत्रों का कहना है कि भाजपा वाईएसआर कांग्रेस को राजग में शामिल कर मंत्रिमंडल में भागीदारी देना चाहती है। अगर पार्टी इसके लिए राजी नहीं हुई तो उसे पिछले कार्यकाल में अन्नाद्रमुक की तरह लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का पद दिया जा सकता है।
जगन यदि राजग में आने पर राजी हुए तो यह पद बीजेडी को दिया जा सकता है। बीजेडी को इस पद के बहाने भाजपा उसे गैरकांग्रेस विपक्ष के मोर्चे में शामिल होने से रोकने के साथ राज्यसभा में अपनी ताकत बढ़ा सकती है। चूंकि जगनमोहन चाहते हैं कि केंद्र राज्य विधानपरिषद को भंग करने की सरकार की सिफारिश मान ले। ऐसे में इस पर बात बनने की संभावना है।