33 प्रतिशत सांसदों-विधायकों के खिलाफ मामले
देश के 33 प्रतिशत सांसद और विधायकों पर मुकदमे। 4,845 सांसदों-विधायकों के हलफनामों के विश्लेषण में सामने आया कि 1,580 पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। - अप्रैल 2018 की एडीआर रिपोर्ट
प्रमुख दस दलों का हाल
- भाजपा 116
- कांग्रेस 29
- जदयू 13
- द्रमुक 10
- तृणमूल 09
- एलजेपी 06
- बसपा 05
- सपा 02
- एआईएमआईएम 02
- एनसीपी 02
- साध्वी प्रज्ञा सिंह (भोपाल) • भाजपा
- निसिथ प्रमाणिक (कूच बिहार) • भाजपा
- अजय कुमार मिश्र (खीरी) • भाजपा
- छतर सिंह दरबार (धार) • भाजपा
- अतुल राय (घोसी) • बसपा
- अफजाल अंसारी (गाजीपुर) • बसपा
- नाबा कुमार सरानिया (कोकराझार) • कांग्रेस
- कुरुवा गोरान्तला माधव (हिन्दुपुर) • वाईआरसीपी
पीएम ने उड़ाई कोर्ट के आदेश की धज्जियां: कांग्रेस
मोदी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ा दीं। मोदी कहते हैं उन्हें मंत्री बनाओ और वह भी उस विभाग का, जिसके कानून तोड़ने का मुकदमा दर्ज हो। - रणदीप सुरजेवाला, प्रवक्ता, कांग्रेस (कर्नाटक में आनंद सिंह को वन मंत्री बनाने पर)
हाल में संपन्न हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में 70 विधायकों में से 43 यानी 61 प्रतिशत विधायकों पर मुकदमे हैं। इनमें से 37 पर गंभीर मामले। झारखंड में 81 में 44 विधायकों पर मामले हैं। यानी आधे से ज्यादा विधानसभा सदस्य दागी हैं। महाराष्ट्र में 176 विधायकों पर आपराधिक मामले हैं। यानी 62 प्रतिशत दागी। वहीं, हरियाणा में 13 प्रतिशत दागी विधायक हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता: पिछले चार आम चुनाव में बढ़ी है दागियों की संख्या
राजनीति के अपराधीकरण मामले में सुनवाई के दौरान बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट ने पिछले चार आम चुनाव में दागियों की बढ़ी संख्या का भी जिक्र किया। पीठ ने राजनीति के बढ़ते अपराधीकरण और ऐसे अपराधीकरण के बारे में नागरिकों तक सूचनाओं के अभाव पर चिंता जाहिर करते हुए कहा, ऐसा लगता है कि बीते चार आम चुनावों में दागी उम्मीदवारों की संख्या बढ़ी है।
भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने दी थी याचिका
भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय और राम बाबू सिंह ठाकुर ने याचिका दी थी। उन्होंने कहा था कि उम्मीदवार हलफनामे में आपराधिक मामलों की जानकारी देने के सुप्रीम कोर्ट के सितंबर 2018 के आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने याचिकाकर्ता के द्वारा राजनीतिक दलों को दिशा-निर्देश जारी करने की मांग पर सहमति दर्ज कराई थी।