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मुख्य सचिवों का सम्मेलन: राज्यों से PM मोदी की अपील, स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने के लिए सरकारी नियम सरल बनाएं

Sun, 15 Dec 2024 11:53 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मुख्य सचिवों के चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन पीएम मोदी ने राज्यों से स्टार्ट-अप्स में तेजी लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसा वातावरण बनाएं जहां स्टार्ट-अप्स आसानी से बढ़ सकें, साथ ही सरकारी नियमों को सरल बनाएं, जो आम नागरिकों के लिए अक्सर कठिन होते हैं।
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पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राज्यों से कहा कि वे ऐसा वातावरण बनाएं जहां स्टार्ट-अप्स आसानी से बढ़ सकें, साथ ही सरकारी नियमों को सरल बनाएं, जो आम नागरिकों के लिए अक्सर कठिन होते हैं। उन्होंने यह बात मुख्य सचिवों के चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि राज्यों को शासन के तरीके में सुधार करना चाहिए ताकि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ सके। उन्होंने यह भी कहा कि सुधार प्रदर्शन और बदलाव पर ध्यान केंद्रित करना महत्वपूर्ण है और लोगों को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देना भी जरूरी है। 
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स्वास्थ्य क्षेत्र में बोले पीएम
पीएम मोदी ने कहा कि मोटापा देश के लिए बड़ी चुनौती बन गया है और इसे गंभीरता से लेना चाहिए। उनका मानना था कि एक फिट और स्वस्थ भारत ही 'विकसित भारत' बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को 2025 तक तपेदिक (टीबी) मुक्त किया जा सकता है और इस लक्ष्य में आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का अहम रोल होगा। 

पुरानी पांडुलिपियां हमारी धरोहर- पीएम 
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की पुरानी पांडुलिपियां हमारी धरोहर हैं और राज्यों को इन्हें डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने के लिए तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए। सम्मेलन में एक महत्वपूर्ण विषय 'उद्यमिता, रोजगार और कौशल का विकास था, खासकर छोटे और मझोले शहरों में स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने पर।
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इसके साथ ही पीएम मोदी ने राज्यों से कहा कि वे छोटे शहरों में ऐसे स्थानों की पहचान करें, जहां उद्यमी बैंकिंग, रसद और अन्य सेवाओं का फायदा उठा सकें। उन्होंने ई-कचरे के पुनर्चक्रण की जरूरत पर भी बात की, क्योंकि डिजिटल समाज बढ़ने से यह समस्या और बड़ी हो सकती है।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि शहरों को आर्थिक विकास का केंद्र बनाने के लिए मानव संसाधन विकास पर काम करना चाहिए, और शहरी शासन, जल प्रबंधन और पर्यावरण के क्षेत्र में विशेषज्ञता वाले संस्थान बनाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ती शहरीकरण के साथ, हमें शहरी आवास की समस्या पर भी ध्यान देना होगा। 

सम्मेलन की लक्ष्य
यह सम्मेलन प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। इसमें यह बात भी सामने आई कि महिलाओं के नेतृत्व में होने वाले विकास से भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिल सकता है।

कुल मिलाकर देख जाए तो यह सम्मेलन यह दर्शाता है कि भारत को मध्यम आय वाले से उच्च आय वाले देशों में बदलने के लिए उद्यमिता, कौशल और रोजगार के नए अवसरों पर काम करना जरूरी है, और इसके लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।
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