नई दिल्ली में "टीबी समिट" का उद्घाटन करते हुए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि
टीबी को खत्म करने के लिए उठाया गया हर कदम सीधे-सीधे गरीबों के जीवन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि टीबी के मरीजों की सही पहचान होनी चाहिए। ऐसे केस के बारे में समय पर पता चलना चाहिए। ताकि उनका समय पर इलाज भी हो सके।
पीएम मोदी ने कहा कि मरीजों को जो दवा दी जा रही हैं वो प्रभावी है या नहीं? टीबी दवा प्रतिरोधी तो नहीं है? इन सभी बातों का ध्यान रखते हुए सरकार व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हम अभी तक टीबी को रोकने में सफल नहीं हुए हैं। 10-15 साल बाद भी नतीजे न मिलने पर हमें अपना नजरिया बदलना होगा। हमें स्थिति का विश्लेषण करने की जरूरत है।
इस दौरान पीएम मोदी ने घोषणा की, कि हमने 2025 तक भारत से टीबी को खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। देश में टीबी उन्मूलन करने वाला कार्यक्रम आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि हम 1 साल के अंदर ही 90 फीसदी सफलता प्राप्त करने में सक्षम होंगे।