यूरोप से लौटे पीएम मोदी अब जल्द ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने वाले हैं। भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मिली हैं। पेइचिंग में स्वराज और वांग यी दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर और रिश्तों में सुधार के लिए उच्च स्तरीय संवाद की गति को तेज करने पर चर्चा की। वांग को पिछले महीने ही स्टेट काउंसिलर बनाया गया है। साथ ही वह विदेश मंत्री के पद पर भी बने हुए हैं।
इसी मुलाकात के दौरान साझा कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बताया कि राष्ट्रपति जिनपिंग और पीएम मोदी के बीच मुलाकात होने वाली है। वांग के मुताबिक वुहान में 27-28 अप्रैल को अनौपचारिक शिखर बैठक होगी जिसमें मोदी और जिनपिंग दोनों एक मंच पर साथ होंगे।
दोनों देश आतंकवाद, क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल हेल्थकेयर जैसे मुद्दों पर साथ काम करने के लिए सहमत हुए हैं। वहीं चीन ने 2018 में सतलुज और ब्रह्मपुत्र नदियों पर डेटा साझा करने की भी पुष्टि कर दी है।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए सुषमा स्वराज शनिवार को 4 दिन के दौरे पर चीन पहुंची हैं। द्विपक्षीय मुलाकात से पहले वांग ने पेइचिंग स्थित दिआयुतई स्टेट गेस्ट हाउस में सुषमा की अगवानी की। स्टेट काउंसिलर बनाए जाने के बाद वांग से सुषमा की यह पहली मुलाकात है।
मुलाकात के दौरान सुषमा ने वांग को स्टेट काउंसिलर बनाए जाने और भारत चीन सीमा वार्ताओं के लिए विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किए जाने पर बधाई दी। वांग ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय विकास हुआ है और दोनों देशों के नेताओं की देखरेख में इस साल एक सकारात्मक गति भी देखने को मिली है।