प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और फिलीपीन अपनी इच्छा से मित्र और नियति से साझेदार हैं। उन्होंने कहा, दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ा दिया है और अब सशस्त्र बलों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। हिंद से लेकिन प्रशांत महासागर तक हम साझा मूल्यों से जुड़े हुए हैं। हमारी सिर्फ अतीत की दोस्ती नहीं है बल्कि भविष्य का वादा भी है।
पीएम मोदी ने फिलीपीन के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर मार्कोस जूनियर के साथ दिल्ली में हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा, हर स्तर पर संवाद और हर क्षेत्र में सहयोग, हमारे संबंधों की पहचान है। आज हम दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग, क्षेत्रीय मुद्दों, और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर विस्तार से बातचीत की। हमने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने का निर्णय लिया है। मोदी-फर्डिनेंड वार्ता में दोनों देशों के बीच रक्षा, अंतरिक्ष, पर्यटन, सूचना-तकनीक, संस्कृति समेत 13 समझौते या समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए। पीएम ने कहा, हमारा द्विपक्षीय व्यापार निरंतर बढ़ रहा है और 3 अरब डॉलर को पार कर चुका है। इसे और मजबूत करने के लिए, भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा को जल्द से जल्द पूरा करना हमारी प्राथमिकता है। इसके साथ ही हमने द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में काम करने का फैसला भी किया है। पीएम मोदी ने पहलगाम हमले के समय भारत का समर्थन करने के लिए राष्ट्रपति मार्कोस का शुक्रिया अदा किया।
हूतियों के हमले के समय भारत की मदद के लिए धन्यवाद
राष्ट्रपति मार्कोस ने 2024 में हूती विद्रोहियों के हमले के समय फिलीपीन के नागरिकों को बचाने में भारत की भूमिका के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, सुरक्षित नौवहन और सुरक्षा विशेष रूप से फिलीपीन के नाविकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो इन ऐतिहासिक और रणनीतिक समुद्री मार्गों पर चलने वाले लगभग हर जहाज पर सवार होते हैं। मैं 2024 में हूती विद्रोहियों के हमले के बाद हमारे नागरिकों को बचाने के लिए पीएम मोदी के माध्यम से भारतीय लोगों और भारतीय नौसेना के जाबांजों कोएक बार फिर धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा, हम इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में सबसे पहले पहुंचने वाले के रूप में भारत की भूमिका और उसके प्रभाव को पहचानते हैं और एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए आपके साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।
चीन का नाम लिए बिना समुद्र में मुक्त आवागमन की हिमायत
पीएम मोदी ने चीन या दक्षिण चीन सागर का नाम लिए बिना कहा कि भारत समुद्र में मुक्त आवागमन के अधिकार का समर्थन करता है। गौरतलब है कि चीन और फिलीपीन के बीच दक्षिण चीन सागर के बड़े हिस्से को लेकर विवाद चल रहा है। भारत दक्षिण चीन सागर मामले में फिलीपीन, वियतनाम जैसे पूर्व के देशों के साथ सहयोग कर रहा है। पीएम ने कहा, हमारे मजबूत हो रहे रक्षा संबंध, गहरे आपसी विश्वास का प्रतीक हैं। समुद्र से जुड़े देश होने के नाते यह स्वाभाविक और जरूरी है कि दोनों देशों के बीच समुद्री मामलों में भी सहयोग हो।
मनीला के लिए दिल्ली से सीधी उड़ान एक अक्तूबर से
पीएम मोदी ने यह जानकारी भी दी कि दिल्ली से मनीला के लिए सीधी उड़ान इस वर्ष एक अक्तूबर से आरंभ होने की उम्मीद है। वार्ता के बाद विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने इस बारे में बताया कि दोनों देश अन्य गंतव्य शहरों के लिए भी हवाई संपर्क बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं ताकि पर्यटन, व्यापार, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत संपर्कों को बढ़ावा मिल सके। राष्ट्रपति मार्कोस ने सीधी उड़ान शुरू होने की घोषणा का स्वागत किया है।
रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में और मजबूत होंगे संबंध
दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधि मंडल स्तर की वार्ता में पीएम मोदी ने कहा, आज हम अपने संबंधों को रणनीतिक स्तर पर ले जा रहे हैं। इससे दोनों देशों के संबंधों को नई गति और गहराई मिलेगी। रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में हमारे संबंध मजबूत होंगे। पिछले कुछ वर्षों में हर क्षेत्र में हमारे संबंध आगे बढ़े हैं। इसमें व्यापार, डिफेंस, समुद्री मामले, स्वास्थ्य, सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, विकास साझेदारी और लोगों के बीच आपसी संबंध शामिल हैं। अब हम अगले पांच साल के लिए कार्ययोजना बना रहे हैं।
नागरिकों को वीजा मुक्त प्रवेश
पीएम मोदी के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य में राष्ट्रपति मार्कोस ने भारतीय पर्यटकों को फिलीपीन में वीजा मुक्त प्रवेश देने की घोषणा की। जवाब में पीएम मोदी ने भी फिलीपीन के नागरिकों के लिए यह सुविधा देने की बात कही।
हूतियों के हमले के समय भारत की मदद के लिए धन्यवाद
राष्ट्रपति मार्कोस ने 2024 में हूती विद्रोहियों के हमले के समय फिलीपीन के नागरिकों को बचाने में भारत की भूमिका के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, सुरक्षित नौवहन और सुरक्षा विशेष रूप से फिलीपीन के नाविकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो इन ऐतिहासिक और रणनीतिक समुद्री मार्गों पर चलने वाले लगभग हर जहाज पर सवार होते हैं। मैं 2024 में हूती विद्रोहियों के हमले के बाद हमारे नागरिकों को बचाने के लिए पीएम मोदी के माध्यम से भारतीय लोगों और भारतीय नौसेना के जाबांजों कोएक बार फिर धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा, हम इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में सबसे पहले पहुंचने वाले के रूप में भारत की भूमिका और उसके प्रभाव को पहचानते हैं और एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए आपके साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।
दक्षिण चीन सागर पर दुनिया का साझा अधिकार : भारत
भारत ने मंगलवार को स्पष्ट कर दिया कि दक्षिण चीन सागर पर उसकी स्थिति स्पष्ट और सुसंगत है। वह इसे वैश्विक साझा अधिकार का हिस्सा मानता है। राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर मार्कोस जूनियर की वर्तमान भारत यात्रा के बारे में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पी. कुमारन ने यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता में भारत की स्थायी रुचि है। उनसे फिलीपीन के तट पर आयोजित भारत-फिलीपीन द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास के बारे में पूछा गया था। रिपोर्टों के अनुसार, यह अभ्यास दक्षिण चीन सागर के कुछ हिस्से में भी हुआ।
साझेदारी की पुन: पुष्टि है मेरी यात्रा : राष्ट्रपति मार्कोस
फिलीपीन के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर मार्कोस जूनियर ने कहा कि उनकी भारत यात्रा उस द्विपक्षीय साझेदारी की पुनः पुष्टि है जिसे हम मजबूत कर रहे हैं। राष्ट्रपति भवन में एक औपचारिक स्वागत समारोह में उन्होंने यह भी कहा कि मनीला, नई दिल्ली के साथ मौजूदा संबंधों को और मजबूत करना चाहता है और पिछले कुछ वर्षों में उत्पन्न हुए अनेक अवसरों का लाभ उठाना चाहता है। समारोह के दौरान मार्कोस को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
पनडुब्बी निर्माण ढांचा बनाने पर चर्चा
दोनों देशों के बीच पनडुब्बी निर्माण के लिए बुनियादी ढांचा बनाने पर भी चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रेस को यह जानकारी दी।
दोनों देशों में हुए ये समझौते
- भारत और फिलीपीन के बीच रणनीतिक साझेदारी
- 2025-2029 के बीच रणनीतिक साझेदारी की कार्य योजना
- वायु सेनाओं के बीच सहयोग समझौता
- थल सेनाओं के बीच सहयोग समझौता
- नौसेनाओं के बीच सहयोग समझौता
- दोनों देशों में आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता की संधि
- सजायाफ्ता दोषियों के स्थानांतरण की संधि
- दोनों देशों के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभागों के बीच 2025-2028 की अवधि में सहयोग समझौता
- 2025-28 के बीच पर्यटन बढ़ाने का समझौता
- डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन
- बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग पर इसरो व फिलीपीन की अंतरिक्ष एजेंसी के बीच चर्चा
- दोनों देशों के तटरक्षक बलों के बीच समुद्री सहयोग
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम
5घोषणाएं अन्य भी
- भारत, फिलीपीन के सॉवरेन डाटा क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्थापना के लिए पायलट परियोजना में सहायता देगा
- भारत ने हिंद महासागर क्षेत्र के सूचना संलयन केंद्र में भाग लेने के लिए फिलीपीन को आमंत्रित किया
- अगस्त, 2025 से एक वर्ष की अवधि के लिए फिलीपीन के नागरिकों को निःशुल्क ई-पर्यटक वीजा सुविधा
- दोनों देशों में राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर संयुक्त रूप से स्मारक डाक टिकट जारी
- भारत और फिलीपीन के बीच प्राथमिकता वाले व्यापार समझौते पर वार्ता के लिए संदर्भ शर्तें तय।
डाक टिकट जारी
दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पर डाक टिकट जारी किए गए। इसमें दोनों देशों के राष्ट्रीय पुष्प हैं। पीएम ने कहा, यह डाक टिकट हमारी मित्रता की महक दर्शाते हैं।