आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में बुधवार देर शाम भगदड़ मचने से छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई। वहीं, घटना में करीब 40 लोगों के घायल होने की भी खबर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के सीएम चंद्रबाबू नायडू समेत कई लोगों ने इस घटना पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। वहीं, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी हादसे में मारे गए लोगों के प्रति शोक जताया है। सीएम नायडू आज सुबह तिरुपति का दौरा भी करेंगे। इस बीच, टीटीडी (तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम) के कार्यकारी अधिकारी श्यामला राव ने मामले की जांच की बात कही है।
एक तीर्थयात्री की हुई पहचान
वहीं, टीटीडी (तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम) के अध्यक्ष बीआर नायडू ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इसमें मरने वालों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। जिसमें से अब तक, केवल एक तीर्थयात्री की पहचान की गई है। अन्य की पहचान की जानी बाकी है। उन्होंने कहा कि एन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू घटना को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने टेलीकांफ्रेंस के दौरान अधिकारियों से प्रबंधन को लेकर नाराजगी जताई है। वे आज सुबह 11:45 बजे मृतकों के परिवारों से मुलाकात करेंगे। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। बीआर नायडू ने बताया कि वे इस हादसे की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने जताया हादसे पर दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुपति मंदिर में हुए हादसे पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट से पोस्ट करते हुए लिखा, आंध्र प्रदेश के तिरूपति में भगदड़ से आहत हूं। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द ठीक हो जाएं। आंध्र प्रदेश सरकार प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।'
राहुल गांधी ने शोक जताया
वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस हादसे पर दुख जाहिर किया है। उनहोंने कहा कि आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में भगदड़ बेहद दुखद है। साथ ही राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से इस कठिन समय में हर संभव सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।
राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि तिरुपति में भगदड़ बेहद दुखद है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
कैसे हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक, सैकड़ों श्रद्धालु तिरुमला हिल्स पर भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए टोकन लेने के लिए धक्का-मुक्की कर रहे थे, उसी दौरान भगदड़ मच गई।
दरअसल 10 जनवरी से शुरू हो रहे 10 दिवसीय वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए देशभर से सैकड़ों श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने बृहस्पतिवार की सुबह से दर्शन टोकन जारी करने की व्यवस्था की थी। इसी के चलते बुधवार शाम से ही श्रद्धालुओं ने कतार लगाना शुरू कर दिया था। अलीपिरी, श्रीनिवासम, सत्यनारायणपुरम और पद्मावतीपुरम में भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई थी। पुलिस ने हादसे के दौरान कुछ महिला श्रद्धालुओं को सीपीआर देने और घायल व्यक्तियों को एंबुलेंस में ले जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया है।
चश्मदीद ने बताया कैसे हुई भगदड़
मंदिर में भगदड़ को लेकर मौके पर मौजूद एक महिला ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जैसे ही पुलिस अधिकारियों ने गेट खोला, तीर्थयात्री टोकन खरीदने के लिए दौड़ पड़े। पहले टोकन प्राप्त करने के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने कहा कि मेरे परिवार के छह लोग भी घायल हो गए हैं। हम 11 बजे से कतार में लगे थे। हमें दूध और बिस्कुट दिए गए थे।
आज सीएम नायडू जाएंगे तिरुपति
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने हादसे में मारे गए लोगों के प्रति शोक जताया है। एन चंद्रबाबू नायडू ने DGP, TTD EO, जिला कलेक्टर, SP के साथ भगदड़ की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं की जान जाना बेहद दुखद है। इस दौरान मुख्यमंत्री नायडू ने सवाल उठाया कि जब यह पता था कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे तो वे उसके अनुसार व्यवस्था क्यों नहीं कर पाए। मुख्यमंत्री नायडू ने अधिकारियों को पीड़ितों के लिए बेहतर उपचार सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वे कल घायलों से मुलाकात करने के लिए तिरुपति का दौरा करेंगे।