प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मंत्रियों से कहा है कि वह सार्वजनिक तौर पर ऐसे दावे न करे जिन्हें कि वह पूरा न कर सकें या जो उनके क्षेत्र के नहीं हैं और विविध मुद्दों पर बात करने की जरूरत नहीं है। केवल इतना ही प्रधानमंत्री ने मंत्रिपरिषद् के सदस्यों से कहा कि वह सलाहकार के तौर पर अपने रिश्तेदारों की नियुक्ति न करे।
पीएम ने मंत्रियों को सुबह साढ़े नौ बजे तक दफ्तर पहुंचने को कहा। उन्होंने कहा कि कुछ मंत्रियों को इस निर्देश पर खास ध्यान देने की जरूरत है। पीएम ने कहा कि उन्होंने कई बार अनुशासन, समय की पाबंदी और काम की प्रतिबद्धता को लेकर सलाह दी है। अगर मंत्री वक्त की पाबंदी करेंगे तो इसका प्रभाव उनके विभाग ही नहीं बल्कि पूरी सरकार के कामकाज पर पड़ेगा।
मोदी ने मंत्रियों को जम्मू-कश्मीर के विकास की योजनाओं और परियोजनाओं पर काम करने के लिए कहा। उन्होंने राज्य के उन अधिकारियों और छात्रों से संवाद कायम करने का भी आह्वान किया जो देश के विभिन्न हिस्सों में हैं। सूत्रों के मुताबिक बैठक में गृह मंत्री अमित शाह ने कश्मीर की स्थिति पर प्रेजेंटेशन दिया। अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त करने पर वह काफी देर बोले। उन्होंने घाटी की स्थिति हो रहे सुधारों की जानकारी दी।
शाह ने बताया कि पाबंदियां उन्हीं स्थानों पर हैं जहां सुरक्षा को खतरा है। सूत्रों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के बाद सरकार राज्य में 100 से अधिक केंद्रीय कानून लागू करने के लिए जरूरी आधारभूत ढांचा तैयार करने के लिए जल्द ही करोड़ों का पैकेज घोषित कर सकती है। बैठक में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में घोषित वित्तीय सुधार के उपायों पर प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि सरकार ने यह कदम उठाने से पहले सभी संबंधित पक्षों से चर्चा की है।