भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे पांच दिवसीय यात्रा पर भारत आए हैं। उन्होंने अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी की भूटान की विकास में भारत की भूमिका की सराहना की है। उन्होंने बृहस्पतिवार को पीएम मोदी से मुलाकात की थी। भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग टोबगे के अगले हफ्ते भूटान आने के निमंत्रण को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीकार किया है।
दोनों नेताओं के बीच बुनियादे ढांचे के विकास, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, हाइड्रोपावर, लोगों से लोगों के बीच आदान-प्रदान और विकास सहयोग जैसे कई क्षेत्र में द्विपक्षीय वार्ता हुई। विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, "मोदी और टोबगे ने भारत-भूटान की मित्रता को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है।"
अगले हफ्ते भूटान जाएंगे पीएम मोदी
बयान में आगे कहा गया, भूटान के प्रधानमंत्री ने भूटान के विकास में एक विश्वसनीय और मूल्यवान भागीदार के रूप में भारत की भूमिका की सराहना की। प्रधानमंत्री तोब्गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले हफ्ते भूटान आने का आमंत्रण दिया है। हालांकि, प्रधानमंत्री ने आमंत्रण स्वीकार कर लिया है।
वहीं, अपनी मुलाकात के बारे में बताते हुए टोबगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना बड़ा भाई कहा। उन्होंने बताया कि कल उनसे मिलकर मैं भावनाओं में बह गया था। मैं हाल के चुनावों के बाद भारत का दौरा करने और अपने दोस्त व बड़े भाई पीएम मोदी से फिर मिलने की उम्मीद करता हूं। यह यात्रा मेरे लिए बहुत भावनात्मक रही है और इसका एक कारण यह है कि मैं दिल्ली वापस आया हूं, अपने दोस्तों के बीच।
राष्ट्रपति मुर्मू से भी मिले टोबगे
टोबगो ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की। राष्ट्रपति ने उनका स्वागत करते हुए इस बात की सराहना की कि टोबगो ने पद की शपथ लेने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के रूप में भारत को चुना है। मुर्मू ने कहा कि भारत और भूटान के बीच सभी स्तरों पर आपसी विश्वास, सद्भावना और समझ पर आधारित घनिष्ठ और अनूठा संबंध हैं। बौद्ध धर्म की साझा आध्यात्मिक विरासत दोनों देशों को जोड़ती है। भारत भूटान के साथ ऊर्जा सहयोग, विकास साझेदारी, लोगों के बीच संबंध, व्यापार और निवेश संबंधों जैसे क्षेत्रों में फैली अपनी बहुआयामी साझेदारी को बहुत महत्व देता है। भूटान के लोगों की सामाजिक-आर्थिक खुशहाली और समृद्धि को बढ़ाने की दिशा में विकास संबंधी सहयोग के क्षेत्र में भूटान के साथ साझेदारी करके भारत को गर्व है।
बता दें कि इस साल फरवरी में भूटान के प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद तोब्गे का यह पहला विदेश दौरा है। भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने पिछले साल नवंबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा की। इस दौरन उन्होंने असम, नई दिल्ली और महाराष्ट्र का सामना किया है।