समीक्षा बैठक में पहलों को सुव्यवस्थित करने, संसाधनों को अनुकूलतम बनाने तथा आयुष की वैश्विक उपस्थिति को बढ़ाने के लिए एक दूरदर्शी मार्ग तैयार करने पर जोर दिया गया। पसीएम मोदी ने इस क्षेत्र के महत्वपूर्ण योगदान पर जोर दिया, जिसमें निवारक स्वास्थ्य देखभाल, औषधीय पौधों की खेती के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और पारंपरिक चिकित्सा में एक अग्रणी के रूप में भारत की वैश्विक स्थिति को बढ़ाने पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि सरकार नीति समर्थन, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से आयुष क्षेत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने योग, प्राकृतिक चिकित्सा और फार्मेसी क्षेत्र में समग्र और एकीकृत स्वास्थ्य और मानक प्रोटोकॉल को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता सरकार के सभी क्षेत्रों में सभी कार्यों का आधार बनी रहनी चाहिए। उन्होंने सभी हितधारकों को ईमानदारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने का निर्देश दिया। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव-2 शक्तिकांत दास, प्रधानमंत्री के सलाहकार अमित खरे और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।आयुष वीजा से बढ़ेगा चिकित्सा पर्यटन
पीएम मोदी ने कहा कि आयुष वीजा का उद्देश्य चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देना और समग्र स्वास्थ्य सेवा समाधान चाहने वाले अंतरराष्ट्रीय रोगियों को आकर्षित करना है। आयुष क्षेत्र ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख संस्थानों के साथ सहयोग के माध्यम से महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की हैं। इन उपलब्धियों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और आयुष ग्रिड के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एकीकरण पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करना भी शामिल है।