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Odisha: 59वें DG/IG अखिल भारतीय सम्मेलन में शामिल हुए पीएम मोदी, SMART पुलिसिंग के मंत्र पर की चर्चा

Sun, 01 Dec 2024 09:34 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 59वें अखिल भारतीय सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने स्मार्ट पुलिसिंग के मंत्र का विस्तार किया और पुलिस से रणनीतिक, सावधान, अनुकूलनीय, विश्वसनीय और पारदर्शी बनने का आह्वान किया।
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डीजी और आईजी के 59वें अखिल भारतीय सम्मेलन में पीएम मोदी शामिल - फोटो : X / @narendramodi
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को डिजिटल धोखाधड़ी, साइबर अपराध और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रौद्योगिकी के कारण उत्पन्न संभावित खतरों, विशेष रूप से सामाजिक और पारिवारिक संबंधों को बाधित करने के लिए 'डीपफेक' की क्षमता पर चिंता व्यक्त की।
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पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के सम्मेलन में संबोधन
प्रधानमंत्री ने भुवनेश्वर में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 59वें अखिल भारतीय सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए पुलिस आरक्षियों के कार्यभार को कम करने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि पुलिस थानों को संसाधन आवंटन का केन्द्र बिन्दु बनाया जाना चाहिए। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मोदी ने सुरक्षा चुनौतियों के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयामों पर व्यापक चर्चा को रेखांकित किया एवं सम्मेलन के दौरान उभरी जवाबी रणनीतियों पर संतोष व्यक्त किया।

शहरी पुलिस व्यवस्था की पीएम मोदी ने की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल धोखाधड़ी, साइबर अपराध और एआई प्रौद्योगिकी से उत्पन्न संभावित खतरों का प्रतिकार करने के लिए पुलिस नेतृत्व से भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आकांक्षी भारत की दोहरी एआई शक्ति का उपयोग करके चुनौती को अवसर में बदलने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने शहरी पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए सुझाव दिया कि प्रत्येक पहल को एकीकृत किया जाए और देश के 100 शहरों में पूरी तरह से लागू किया जाए।
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पीएम मोदी ने 'स्मार्ट' पुलिसिंग के मंत्र पर की चर्चा
उन्होंने 'स्मार्ट' पुलिसिंग के मंत्र का विस्तार किया और पुलिस से रणनीतिक, सतर्क, अनुकूलनीय, विश्वसनीय और पारदर्शी बनने का आह्वान किया। 'स्मार्ट' पुलिसिंग का यह विचार खुद प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में गुवाहाटी में आयोजित सम्मेलन में पेश किया था। इसमें भारतीय पुलिस को सख्त और संवेदनशील, आधुनिक और मोबाइल, सतर्क और जवाबदेह, विश्वसनीय और उत्तरदायी, तकनीक-प्रेमी और प्रशिक्षित (स्मार्ट) बनाने के लिए प्रणालीगत परिवर्तनों की परिकल्पना की गई है।

डीपफेक से बचने के लिए दोहरी एआई शक्ति का करें इस्तेमाल
पीएम मोदी ने डिजिटल धोखाधड़ी, साइबर अपराध व विशेष रूप से सामाजिक-पारिवारिक तानेबाने को नुकसान पहुंचाने वाले डीपफेक के उभरते खतरे पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने पुलिस नेतृत्व से देश की कृत्रिम बौद्धिकता (एआई) और आकांक्षी भारत (एआई) की दोहरी शक्ति का उपयोग कर इस चुनौती को अवसर में बदलने का आह्वान किया। 

राष्ट्रीय पुलिस हैकाथॉन का सुझाव
प्रमुख समस्याओं को हल करने में हैकाथॉन की सफलता पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने राष्ट्रीय पुलिस हैकाथॉन करने का सुझाव दिया। उन्होंने बंदरगाहों की सुरक्षा पर ध्यान बढ़ाने और भविष्य की कार्ययोजना की जरूरत पर जोर दिया। तीनों आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।

सुरक्षा के लिए चुनौतियों पर चर्चा
सम्मेलन में बांग्लादेश व म्यांमार की सीमा पर सुरक्षा चिंताओं, शहरी पुलिसिंग के रुझान व कटुता पैदा करने वाली अवधारणाओं से निपटने की रणनीतियों पर विमर्श हुआ। आतंकवाद, उग्रवाद, साइबर अपराध, आर्थिक सुरक्षा, घुसपैठ व नशीले पदार्थों की तस्करी सहित राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।

गृह मंत्री और एनएसए समेत अन्य अधिकारी शामिल
इस तीन दिवसीय सम्मेलन में पुलिस महानिदेशक और महानिरीक्षक स्तर के लगभग 250 अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित हुए, जबकि 750 से अधिक अधिकारियों ने ऑनलाइन माध्यम से हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल समेत अन्य लोग शामिल हुए।
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