सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को पूरी तरह गलत करार दिया, जिसमें देश की सीमाओं पर चीन की दीवार के समान दीवार बनाने के लिए केंद्र को निर्देश दिए जाने की मांग की गई थी। मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि भारत ऐसी दीवार का निर्माण कैसे कर सकता है, जब अमेरिका भी अमेरिका - मैक्सिको सीमा पर इस तरह की दीवार का निर्माण करने में सक्षम नहीं है। बेंच ने नाराजगी जाहिर करते हुए याचिकाकर्ता को कहा, ‘आप सभी सीमाओं पर चीन की दीवार जैसी दीवार बनाने की मांग कर रहे हैं। आपने किस तरह की याचिका दायर की है? आप हमारा इतना समय क्यों बर्बाद कर रहे हैं?’
बेंच में शामिल जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और एसके कॉल ने याचिका को खारिज करते हुए कहा, ‘अमेरिका भी मैक्सिको की सीमा पर दीवार का निर्माण नहीं करा सकता और आप कह रहे हैं कि भारत को दीवार बनानी चाहिए। पैसा कहां है? क्या आप इसके लिए भुगतान करेंगे? क्या हम सरकार को कहें कि आप इसके लिए भुगतान कर रहे हैं?‘ कोर्ट ने कहा, ‘हमारा मानना है कि यह याचिका पूरी तरह से गलत राय पर आधारित है। ऐसे में हम इस पर विचार करने से इनकार करते हैं।’
यह याचिका एक संगठन ने दायर की थी। संगठन ने केंद्र से मांग की थी कि देश में आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिये सीमाओं पर चीन की दीवार जैसी दीवार का निर्माण कराया जाए। गौरतलब है कि चीन की दीवार 21,196 किलोमीटर लंबी है और इसका निर्माण हमलों से तत्कालीन साम्राज्यों की रक्षा के लिये कराया गया था।