दिल्ली सरकार द्वारा किए गए विज्ञापन खर्च के ऑडिट की मांग कर रहे याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने को कहा है। शीर्ष अदालत ने कहा कि ये ऐसा मामला है जिससे निपटने के लिए उच्च न्यायालय सक्षम हैं। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस ए एस बोपन्ना की पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील से कहा कि आप दिल्ली हाई कोर्ट क्यों नहीं जाते?
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पीठ ने कहा, आप दिल्ली सरकार द्वारा किए गए विज्ञापन खर्च का ऑडिट चाहते हैं। पीठ ने वकील से कहा कि मुख्य रूप से याचिकाकर्ता सरकार द्वारा किए गए विज्ञापन खर्च पर सवाल उठा रही है और कह रही है कि जो पैसा पर्यावरण के लिए उपलब्ध है, उसे विज्ञापन के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हाई कोर्ट को इससे निपटने दें। हम आपको हाई कोर्ट जाने की स्वतंत्रता देंगे। पीठ ने अपने आदेश में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत इन कार्यवाही में मांगी गई राहत को उच्च न्यायालय के समक्ष समान रूप से हल किया जा सकता है और अनुच्छेद 226 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करते हुए विचार किया जा सकता है।