कोविड-19 महामारी को देखते हुए इस साल पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पर रोक लगाने के न्यायिक आदेश वापस लेने के लिए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। यह रथयात्रा इस साल 23 जून से शुरू होनी थी। बता दें कि पुरी की रथयात्रा में देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेने आते हैं।
पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती और जगन्नाथ मंदिर के अन्य पुजारियों ने कहा कि रथ यात्रा को रोकने के अपने फैसले पर कोर्ट दोबारा विचार करे और जरूरी एहतियात के साथ आयोजन की मंजूरी दे। उन्होंने कहा कि कोर्ट कुछ ही सेवकों के साथ इस समारोह को आयोजित करने की मंजूरी दी जा सकती है।
नौ दिन तक चलने वाले इस उत्सव की शुरुआत रथ यात्रा से होती है जिस पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलराम और देवी सुभद्रा को यहां गुडिचा मंदिर तक और वहां से वापस मंदिर लाने के दौरान रथ यात्रा निकाली जाती है। पुरी में गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य यहां धार्मिक प्रमुख हैं।
वहीं, जगन्नाथ मंदिर के सेवकों की शीर्ष इकाई छत्तीसा नियोग ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को लिखे पत्र में कहा, ऐसा प्रतीत होता है कि सुप्रीम कोर्ट को मंदिर प्रशासन और राज्य सरकार द्वारा 23 जून को रथ यात्रा आयोजित करने के संबंध में की गई तैयारियों की उचित तरीके से जानकारी नहीं दी गई।