फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट में निकाह हलाला के खिलाफ याचिका- बताया मौलिक अधिकारों का उल्लंघन

Mon, 05 Mar 2018 10:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को एक याचिका दायर कर मुस्लिम समुदाय में प्रचलित निकाह हलाला और बहुविवाह को असंवैधानिक करार देने की गुहार की गई। याचिका भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) की धारा-2 को असंवैधानिक करार दिया जाना चाहिए क्योंकि यह मनमाना है। साथ ही यह मौलिक अधिकारों (संविधान के अनुच्छेद-14, 15 और 21) के खिलाफ है। 
विज्ञापन


याचिका के मुताबिक निकाह हलाला और बहुविवाह पब्लिक ऑर्डर, नैतिकता और स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक है। इन्हें भी सती प्रथा की तरह प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। अब तक राज्य की ओर से निकाह हलाला और बहुविवाह को अपराध की श्रेणी में नहीं लाया गया है। लिहाजा ऐसे मामलों में भारतीय दंड संहिता के तहत पुलिस एफआईआर भी दर्ज नहीं कर सकती।

मालूम हो कि निकाह हलाला वह प्रथा है कि जिसके तहत तलाकशुदा महिला को अपने पति के साथ फिर से बसने के लिए पहले किसी दूसरे पुरुष से शादी करनी होती है और उसे तलाक देने के बाद उसे अपने पूर्व पति से निकाह करना पड़ता है। याचिका में शीर्ष अदालत से गुहार की गई है कि सभी भारतीय नागरिकों पर आईपीसी के प्रावधान लागू किए जाएं और निकाह हलाला को धारा 375 के तहत बलात्कार की श्रेणी में रखा जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें