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स्वच्छ गंगा फंड के तहत इकट्ठा किए गए 221 करोड़ का नहीं हुआ इस्तेमाल

Mon, 05 Mar 2018 09:41 PM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
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इस साल 31 जनवरी तक स्वच्छ गंगा फंड (सीजीएफ) के तहत इकट्ठा किए गए 221.75 करोड़ रुपयों का इस्तेमाल नहीं किया गया है। जल संसाधन राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह ने राज्यसभा में कहा कि सीजीएफ के दानदाताओं में व्यक्तियों के अलावा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, सरकारी विभागों, निजी कंपनियों और एनआरआई व पीआईओ की भी भूमिका है। उन्होंने कहा कि अभी तक स्वच्छ गंगा फंड के तहत राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) द्वारा इसके फंड का इस्तेमाल नहीं किया गया है। सरकार ने नमामि गंगे योजना के तहत 4 सितंबर, 2014 को सीजीएफ के गठन को मंजूरी दी थी।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय पर कार्रवाई प्रारंभिक स्थिति में 

केंद्रीय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा इलाहाबाद विश्वविद्यालय की ऑडिट के बाद उस पर कार्रवाई प्रारंभिक स्थिति में है। दरअसल ऑडिट में विभिन्न अनियमितताओं के ओर ध्यान दिलाया गया था।

केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री सत्य पाल सिंह ने लोकसभा में लिखित जवाब देते हुए कहा कि यूजीसी द्वारा इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, अनुसंधान, वित्तीय और बुनियादी ढांचागत की गई ऑडिट रिपोर्ट पर कार्रवाई प्रारंभिक अवस्था में है। उन्होंने कहा कि हालांकि फंड के उचित उपयोग के संबंध में इलाहाबाद सहित सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों को अपने खातों का आंतरिक ऑडिट समयबद्ध चरण में कराने का आदेश दिया गया है।
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16.72 लाख डीएल के फर्जी होने की संभावना

6.70 करोड़ लाइसेंसों के रिकॉर्ड का विश्लेषण किए जाने के बाद कम से कम 16.72 लाख लाइसेंस के फर्जी पाए जाने की संभावना है। सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री मनसुख लाल मंडाविया ने राज्यसभा में बताया कि राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एमआईसी) ने फर्जी लाइसेंस के संबंध में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए राष्ट्रीय रजिस्टर के विश्लेषण के दौरान पाया कि फर्जी लाइसेंस होने की संभावनाएं हैं। 5 जनवरी, 2015 तक 6.70 करोड़ डीएल के रिकॉर्ड उपलब्ध हैं जिनमें से 16.72 लाख से लेकर 7.99 लाख डीएल फर्जी हो सकते हैं। केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी ने 30 फीसदी डीएल के फर्जी होने की आशंका जताई थी जो कि मात्र 2.5 फीसदी है।

553 में से 22 फीसदी बाघ बने अवैध शिकार

साल 2012-17 के दौरान मरने वाले 553 बाघों में से 22.1 फीसदी बाघों का अवैध शिकार हुआ। सोमवार को राज्यसभा में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री महेश शर्मा ने जानकारी दी कि 15 फीसदी से अधिक मौतें हमले के कारण हुईं। हालांकि 62.4 फीसदी मौतें प्राकृतिक कारणों से हुईं।
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