चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) की ओर से कांग्रेस को जो भी सुझाव दिए गए, पार्टी ने उसे अमली जामा पहना दिया। पीके ने जातिगत समीकरण को लेकर जो योजना बनाई, पार्टी ने उसी पर अमल किया। अब एक सुझाव पर अमल होना बाकी रह गया है और वह है प्रियंका गांधी को यूपी में प्रचार की कमान सौंपना।
मार्च के महीने में इलाहाबाद आईं सोनिया गांधी पहले ही कह चुकी हैं कि यूपी में चुनावी अभियान का आगाज 19 नवंबर को इंदिरा गांधी के जन्म शताब्दी समारोह से होगा। माना जा रहा है कि इसी के साथ प्रियंका भी यूपी में चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगी।
यह चर्चा माह भर पहले शुरू हो गई थी कि प्रशांत किशोर ने यूपी में ब्राह्मणों को साधने के लिए शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी बनाने का सुझाव दिया है। साथ ही भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी केशव मौर्य को मिलने के बाद पीके ने यह सुझाव भी रखा कि किसी ओबीसी चेहरे को प्रदेश की कमान सौंपी जाए।