याचिका में कहा गया है कि सशस्त्र बलों में स्थायी कमीशन प्रविष्टि के माध्यम से चयनित होने वाले अधिकारी के पास 60 वर्ष की आयु तक राष्ट्र की सेवा करने का विकल्प होता है।
सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर सशस्त्र बलों के लिए केंद्र सरकार की अग्निपथ भर्ती योजना को चुनौती दी गई है। याचिका वकील एमएल शर्मा ने दायर की है। याचिका में रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी 14 जून, 2022 की अधिसूचना को रद्द करने की मांग करते हुए कहा गया है कि अधिसूचना अवैध और असंवैधानिक है।
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याचिका में कहा गया है कि सशस्त्र बलों में स्थायी कमीशन प्रविष्टि के माध्यम से चयनित होने वाले अधिकारी के पास 60 वर्ष की आयु तक राष्ट्र की सेवा करने का विकल्प होता है।
शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) में एक अधिकारी के पास सेना में शामिल होने और 10/14 वर्षों की अवधि के लिए कमीशन अधिकारी के रूप में सेवा करने का विकल्प होता है। लेकिन अग्निपथ योजना के माध्यम से भर्ती किए गए अग्निवीरों में से केवल 25 फीसदी को ही बलों में रखा जाएगा और बाकी 75 फीसदी को सेवा से बाहर कर दिया जाएगा।