आंधी-तूफान
पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर और उत्तर पश्चिम भारत के पहाड़ी इलाकों जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड सहित पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में मौसम परिवर्तित हो गया है। जिससे् मंगलवार को भी मौसम में अनिश्चितता जारी रहेगी।
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सोमवार और मंगलवार को उत्तरी भारत के पहाड़ी राज्यों में ओलावृष्टि हो सकती है और राजस्थान में धूल भरी आंधी आने की आंशका है। राजस्थान और उत्तर प्रदेश के नागरिकों को तूफान से बुधवार को राहत मिल सकती है लेकिन पूरे हफ्ते कमजोर तूफान और बारिश के साथ ही हल्की हवाओं का सामना करना पड़ेगा। दक्षिण में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक के आंतरिक क्षेत्र, तमिलनाडु और पुडुच्चेरी में सोमवार को तूफान आने की आशंका है। मंगलवार को तूफान गतिविधि ओडिशा और कर्नाटक के आंतरिक क्षेत्र तक ही सीमित रहेंगी। रविवार को देशभर में तेज आंधी के साथ ही तेज बारिश, बिजली गिरना और धूलभरी आंधी चली थी।
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दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में कई लोगों की मौते हुई हैं। दक्षिण-पश्चिम यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ और मराठवाड़ा में लू के हालात बने रहेंगे। शक्तिशाली धूलभरे तूफान की वजह से दिल्ली में हवाई यात्रा ठप्प हो गई थी। दिल्ली में आंधी तूफान से मंगलवार को राहत मिलने की उम्मीद है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार बिजली गिरने की वजह से आंध्र प्रदेश के कडपा और श्रीकाकुलम जिलों में 9 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि अकेले श्रीकाकुलम में 7 लोगों की मौत हो गई है। पिछले हफ्ते ही मौसम विभाग ने तेज अंधड़, बारिश की चेतावनी दी थी।
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दिल्ली में शाम साढ़े 4 बजे आई आंधी में 250 से ज्यादा जगह पेड़ और 75 बिजली के खंभे गिर गए, जबकि 60 जगह दीवारें-छत गिरने की घटनाएं हुईं। राजधानी में अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 घायल हो गए। वहीं, यूपी में 26 लोगों के मारे जाने और 28 के घायल होने की सूचना है। हरियाणा के झज्जर में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
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तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तेज बारिश के बीच बिजली गिरने से 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन घायल हुए। वहीं, पश्चिम बंगाल में बिजली गिरने से 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 घायल हुए। मरने वालों में 4 बच्चे बाग में आम इकट्ठे करने के दौरान बिजली की चपेट में आ गए। कई जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने से मकान आग की चपेट में आ गए। उत्तर प्रदेश के संभल में स्थित राजपुरा में आकाशीय बिजली ने कई घरों को अपनी चपेट ले लिया। जिसमें 100 से ज्यादा घर जलकर खाक हो गए।
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रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम 30.6 डिग्री रहा। मौसम विभाग की मानें तो तापमान बढ़ने के साथ पूर्वी हवाओं ने दिल्ली का रुख कर लिया था। पश्चिमी विक्षोभ ने भी असर डाला। इसका मिलाजुला असर तूफान के रूप में सामने आया। इसके लिए मौसम विभाग ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था।
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मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में हवा की रफ्तार 70-109 किमी प्रति घंटे रही। दिल्ली-एनसीआर में इसका असर करीब दो घंटे तक रहा। विभाग का मानना है कि सोमवार को हिमालयन रेंज में 50-70 किमी की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इससे दिल्ली-एनसीआर में दोपहर बाद हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।
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मौसम विभाग में दिल्ली सर्कल के निदेशक डॉ. कुलदीप ने इस तूफान की तीन वजहें गिनाईं। कुलदीप का मानना है कि पिछले दिनों तापमान में तेज उछाल आया था। वहीं, पूर्वी हवाएं पहले से उत्तर प्रदेश से दिल्ली की तरफ बढ़ रही थीं। इसके अलावा, पश्चिमी विक्षोभ ने भी असर डाला। सफदरजंग इलाके में सबसे तेज 109 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली।
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रविवार से पहले 9 मई को उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आए तूफान से 18 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 27 घायल हुए थे। वहीं, 10 दिन पहले आए तूफान का असर यूपी, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड और पंजाब में पड़ा था। इसमें 134 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 400 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। सबसे ज्यादा 80 लोगों की मौत यूपी में हुई थी।
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पाकिस्तान के पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा, और आदिवासी क्षेत्र में तेज आंधी-बारिश के कारण 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 घायल हो गए। इनमें नौ की मौत रविवार को दीवार और छत गिरने से हुई। मरने वालों में अधिकतर ममोंद और खार तहसील के थे।