सुप्रीम कोर्ट में मार्च से एक बार फिर से फिजिकल कोर्ट शुरू होने की संभावना है। कोविड-19 महामारी के कारण पिछले करीब 10 महीने से सुप्रीम कोर्ट में वर्चुअल सुनवाई हो रही है।
मराठा आरक्षण की वैद्यता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही संवैधानिक पीठ ने शुक्रवार को इसके संकेत दिए। संविधान पीठ की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस अशोक भूषण ने यह देखते हुए कि मार्च से फिजिकल कोर्ट के शुरू होने की संभावना है, इसलिए उन्होंने मराठा आरक्षण मामले पर आठ मार्च से सुनवाई करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि आठ मार्च को सुनवाई शुरू होगी और हम 18 मार्च तक सुनवाई पूरी करने की कोशिश करेंगे। हालांकि पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि फिजिकल कोर्ट शुरू न हो पाने की स्थिति में सुनवाई आठ मार्च से वर्चुअल माध्यम के जरिए होगी।