महाराष्ट्र के ठाणे में एक किशोरी से दुष्कर्म और जबरन गर्भपात कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। साथ ही गर्भपात के लिए दवाई देने वाले चिकित्सक को भी पकड़ा है। इसके अलावा पुलिस ने उल्हासनगर के एक श्मशान घाट में दफनाए गए मृत भ्रूण को आगे की जांच के लिए खोदकर निकाला।
उल्हासनगर सेंट्रल पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक शंकर अवताडे ने बताया कि पीड़िता और आरोपी युवक पड़ोसी थे। पिछले साल जुलाई में जब आरोपी की पत्नी, बच्चे और माता-पिता जब गांव गए थे तो उसने पीड़िता को खाने के बहाने अपने घर बुलाया। आरोपी ने किशोरी के साथ कई बार दुष्कर्म किया। किसी को यह बात बताने पर जान से मारने की धमकी दी। बाद में पीड़िता को पता चला कि वह गर्भवती हो गई है। उसने जब आरोपी को इसकी जानकारी दी तो उसने एक निजी चिकित्सक से पीड़िता को गर्भपात की गोलियां दिलवा दीं।
पुलिस ने बताया कि जब गोलियों से गर्भपात नहीं हुआ तो आरोपी की पत्नी, मां और सास ने सात महीने की गर्भवती पीड़िता को गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया। जब पीड़िता के माता-पिता घर से बाहर गए थे तो उसे एक अस्पताल ले जाया गया। यहां पीड़िता की गलत पहचान और कम उम्र का हवाला देकर उसकी जांच कराई। डॉक्टरों ने गर्भपात कराने का परामर्श दिया। इसके बाद पीड़िता का कल्याण के एक अस्पताल में गर्भपात कराया गया। आरोपी की पत्नी और मां ने जल्दबाजी में भ्रूण को उल्हासनगर के शमशान घाट में दफना दिया।
बीते दिनों पीड़िता की मां जब गांव से लौटी तो पीड़िता ने उनको सारी बात बताई। इसके बाद पीड़िता के परिजनों ने उल्हासनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है। इसके अलावा गर्भपात की गोलियां मुहैया कराने वाले डॉक्टर को भी पकड़ लिया। पुलिस ने बताया कि अपराध में शामिल अन्य चार आरोपी महिलाएं अभी फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
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