पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
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तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कोविड वैक्सीन सर्टिफिकेट और विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के विज्ञापन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। इस संदर्भ में पार्टी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को चुनाव अधिकारियों से मुलाकात की और इनसे पीएम की तस्वीर को हटाने की मांग की।
मुलाकात के बाद ममता सरकार में मंत्री फिरहाद हाकिम ने कहा कि पीएम मोदी विधानसभा चुनाव में भाजपा के स्टार प्रचारक हैं। राजनीतिज्ञ होने के नाते रैलियों में वह अपनी पार्टी के लिए लोगों से समर्थन मांगेंगे। ऐसी स्थिति में वैक्सीन सर्टिफिकेट और पेट्रोल पंपों में विभिन्न केंद्रीय योजनाओं का प्रचार करते पोस्टरों में पीएम मोदी की तस्वीर मतदाताओं को लुभाएगी और यह आचार संहिता का उल्लंघन है।
उन्होंने सर्टिफिकेट व पेट्रोल पंपों पर लगी उनकी तस्वीरों को हटाने की मांग की है। एक दिन पहले ही तृणमूल के राज्यसभा सांसद डेरेक ओब्रायन ने आरोप लगाया था कि चुनाव तिथियों के एलान के बाद भी कोविड-19 वैक्सीन सर्टिफिकेट में पीएम मोदी की तस्वीर इस्तेमाल की जा रही है।
वहीं दूसरी ओर भाजपा ने इस आरोपों को आधारहीन करार दिया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि वैक्सीन लगाने का अभियान चुनाव तिथियों की घोषणा से पहले ही शुरू हो गया था। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव की घोषणा से पहले ही कोई सरकारी प्रोजेक्ट शुरू हो जाता है तो वह जारी रहता है।
पेट्रोल पंपों पर लगे होल्डिंग से केंद्र की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार हो रहा है। ये होल्डिंग निजी जमीन पर लगे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर चुनाव आयोग उचित निर्णय लेगा।