तेलंगाना के प्लांट में हुए धमाके के बाद अब फार्मा कंपनी सिगाची की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। इस मामले में पुलिस ने जो प्राथमिकी दर्ज की है, उसमें आरोप लगाया गया कि कर्मचारियों के बार बार-बार कहने के बाद भी सिगाची इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने पुरानी हो चुकी मशीनरी को नहीं बदला।
इधर, प्लांट में हुए धमाके में मृतकों की संख्या बढ़कर 40 हो गई, जबकि 33 लोग घायल हैं। इस बीच, फार्मा कंपनी सिगाची ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये के मुआवजे का एलान किया है। इससे पहले मंगलवार को तेलंगाना सरकार ने भी पीड़ित परिवारों को इतनी ही राशि देने की घोषणा की थी। दूसरी तरफ, तेलंगाना पुलिस ने पीड़ितों और उनके परिजनों की शिकायत के आधार पर फार्मा कंपनी के मैनेजमेंट के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज
हादसे में अपने पिता राजनला वेंकट जगन मोहन को खोने के बाद यशवंत ने कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता के पिता और अन्य कर्मचारियों ने सिगाची कंपनी प्रबंधन को कई बार मशीनरी बदलने के बारे में सूचना दी थी, क्योंकि मशीनें बहुत पुरानी थीं और उनसे जान-माल की हानि की आशंका थी। हालांकि, कंपनी प्रबंधन ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और पुरानी मशीनों का ही इस्तेमाल जारी रखा। इसकी वजह से प्लांट में विस्फोट हुआ, जिससे जानमाल की भारी हानि हुई।
कंपनी के पास नहीं थी अग्निशमन विभाग से एनओसी हादसे के बाद अग्निशमन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि फार्मा कंपनी ने विभाग से कोई एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं ली थी। प्लांट में फायर अलार्म और हीट सेंसर सहित कोई भी पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं थे।