फाइजर वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर)
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कोरोना का टीका बनाने वाली अमेरिकी कंपनियां फाइजर और मॉडर्ना सीधे केंद्र सरकार को अपना टीका देंगी। फाइजर ने सेामवार को कहा, देश में टीकाकरण अभियान का संचालन उनका अंदरूनी मामला है। हम इसमें राज्य सरकारों के साथ कोई लेनदेन नहीं करेंगे। फाइजर सीधे केंद्र सरकार को टीका देगी। वहीं तेलंगाना और पंजाब को मना करने के बाद मॉडर्ना ने दिल्ली को भी टीका देने से इनकार कर दिया।
सीएम अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा, हमने मॉडर्ना से टीका खरीदने की पेशकश की थी लेकिन कंपनी ने साफ इनकार कर दिया। कंपनी टीके की खरीदफरोख्त के लिए सीधे केंद्र से बात करने की इच्छुक है। मायापुरी के ऑक्सीजन संयंत्र का दौरा करने पहुंचे केजरीवाल ने कहा, हम केंद्र से अपील करते हैं कि वह विदेश से टीका आयात करे और राज्यों में वितरित करे। हम पहले ही काफी समय गंवा चुके हैं। युद्धस्तर पर लोगों को टीका लगाने के लिए हमें खुराकों की जरूरत है। इससे पहले पंजाब में टीकाकरण के नोडल अधिकारी विकास गर्ग ने रविवार को बताया था कि मॉडर्ना ने उन्हें टीका देने से इनकार कर दिया है।
16 कंपनियां कोवाक्सिन बनाने की इच्छुक, केंद्र बात करे: केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा, देश में 16 कंपनियां हैं जो कोवाक्सिन बनाना चाहती हैं। भारत बायोटेक ने दो के साथ करार भी किया है। हम केंद्र से अपील करते हैं कि वह सभी 16 कंपनियों से बात करें और टीका बनाने का ऑर्डर दें। ताकि जरूरत के आधार पर खुराकें उपलब्ध हों। अमेरिका और ब्रिटेन से हमें सीखना होगा कि टीकाकरण ही एकमात्र रास्ता है कोरोना से बचने का।
दिल्ली के पास ब्लैक फंगस की दवाएं, इंजेक्शन भी नहीं
केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली सरकार के पास ब्लैक फंगस के इलाज के लिए दवाएं और इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हैं। हमें प्रत्येक मरीज के लिए रोजाना कम से कम चार इंजेक्शन चाहिए। केंद्र की ओर से इंजेक्शन दिए जाने के बावजूद किल्लत है। हमें रोज 2000 वायल की जरूरत है जबकि 400-500 ही मिल रहे हैं।