मुंबई की एक अदालत ने सोमवार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के पांच कथित सदस्यों की एटीएस हिरासत को 8 अक्तूबर तक के लिए बढ़ा दी है। कई एजेंसियों ने एक साथ पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी की थी, इसी दौरान इन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के नेतृत्व में 22 सितंबर को कई एजेंसियों ने एक साथ देशभर में कई स्थानों पर छापेमारी की थी। ये पांचों आरोपी उन बीस लोगों में शामिल हैं जिन्हें उस दिन महाराष्ट्र आतंक रोधी दस्ते (एटीएस) ने राज्य में गिरफ्तार किया था।
इन आरोपियों की पिछली रिमांड की अवधि समाप्त हो रही थी। इसलिए सोमवार एटीएस ने इन्हें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए.एम. पाटिल की अदालत में पेश किया और उनकी आठ दिनों की हिरासत की मांग की। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उनकी रिमांड पांच दिन के लिए बढ़ा दी।
एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियों शामिल होने, समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
एनआईए के नेतृत्व में देश की कई एजेंसियों ने एक साथ 15 राज्यों में छापेमारी की कार्रवाई की थी। इस दौरान पीएफआई के 106 नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था।
इस दौरान महाराष्ट्र और कर्नाटक में 20-20 गिरफ्तार हुईं। तमिलनाडु से 10, असम से 9, उत्तर प्रदेश से 8, आंध्र प्रदेश से 5, मध्यप्रदेश से 4, पुड्डुचेरी और दिल्ली से तीन-तीन और राजस्थान से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था।