केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
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विपक्ष की ओर से पेट्रो उत्पादों के दामों में लगातार बढ़ोतरी का मुद्दा उठाए जाने पर पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र जैसे राज्यों को उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए ईंधन पर करों में कटौती करनी चाहिए। हालांकि उन्होंने केंद्रीय करों में कटौती को लेकर कोई संकेत नहीं दिए।
राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान शिवसेना सांसद अनिल देसाई के एक सवाल पर प्रधान ने कहा कि वह इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहते हैं। महाराष्ट्र खासकर मुंबई जहां वे राजनीति करते हैं, वहां सबसे अधिक राज्य कर है। यदि वे करो में कटौती करते हैं तो निसंदेह मुंबईवासियों को राहत मिलेगी।
साथ ही उन्होंने बताया कि केंद्रीय वित्तमंत्री पहले ही बता चुकी है कि आखिर केंद्र ईंधन पर करों में कटौती क्यों नहीं कर रही है। दरअसल देसाई ने सवाल किया था कि सरकार इथेनॉल सम्मिश्रण का प्रतिशत क्यों बढ़ा रही है और ईंधन पर करों में कटौती के लिए तत्काल कदम क्यों नहीं उठा रही है।
इथेनॉल सम्मिश्रण पर प्रधान ने बताया कि यह योजना अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई थी, लेकिन बाद में इसे दरकिनार कर दिया गया। मौजूदा सरकार इस कार्यक्रम को प्राथमिकता दे रही है। पहले इथेनॉल सम्मिश्रण को 2030 तक 20 फीसद करने का लक्ष्य था लेकिन बाद में इसे संशोधित कर 2025 कर दिया गया।