Manipur News: मणिपुर की इंफाल घाटी में जबरन वसूली के खिलाफ पेट्रोल पंप मालिकों का गुस्सा भड़क गया। जिसके चलते शनिवार को इंफाल घाटी में विरोध जताते हुए पेट्रोल पंप बंद रख गए हैं।
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में कई साल तक चली जातीय हिंसा के बाद शांति का माहौल है। लोगों का जीवन पटरी पर लौट रहा है। इस बीच इंफाल घाटी में शनिवार (13 दिसंबर) को जबरन वसूली की मांगों के विरोध में पंट्रोल पंप मालिकों का गुस्सा फूट पड़ा और पूरे इलाके में पेट्रोल पंप बंद कर दिए गए।
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पेट्रोल पंप पर रखा गया था हैंड ग्रेनेड
पेट्रोल पंप का यह बंद इंफाल पश्चिम जिले के कोइरेंगी में एक पेट्रोल पंप के पास हैंड ग्रेनेड मिलने के कुछ दिनों बाद हुआ है। एक पेट्रोल पंप मालिक ने बताया कि जबरन वसूली की मांगें पूरी न करने पर धमकी के तौर पर वहां हैंड ग्रेनेड रखा गया था। उन्होंने कहा, "पेट्रोल पंप सार्वजनिक सेवा वाले उद्यम हैं और उन्हें निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। जबरन वसूली से पेट्रोल पंप मालिक दिवालिया हो सकते हैं और सार्वजनिक सेवा प्रभावित हो सकती है।"
राष्ट्रपति शासन खत्म करने पर चर्चा की संभावना
मणिपुर में लंबे समय से जारी राजनीतिक गतिरोध को खत्म करने और राष्ट्रपति शासन हटाने की संभावना को देखते हुए भाजपा ने राज्य के सभी विधायकों को 14 दिसंबर को नई दिल्ली में बैठक के लिए तलब किया है। यह कदम राज्य की राजनीतिक दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की है कि केंद्रीय नेतृत्व ने सभी विधायकों को दिल्ली पहुंचने के निर्देश दिए हैं। हालांकि बैठक का औपचारिक एजेंडा जारी नहीं किया गया है, लेकिन उन्होंने संकेत दिए कि नई सरकार के गठन पर चर्चा होने की पूरी संभावना है।