कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोलिय पदार्थ सस्ते न किए जाने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। प्रवक्ता अजय माकन का कहना है कि कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से घट रही हैं। उस हिसाब से देश में पेट्रोल, डीजल और रसाई गैस आदि की कीमतों में गिरावट आनी चाहिए। सरकार ने जब पेट्रोलियम पदार्थों की दरें मार्केट से लिंक कर दी हैं ऐसे में कीमत घटने पर उसका लाभ लोगों को नहीं दिया जा रहा है।
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि जिस हिसाब से कीमतें कम हुई है उस आधार पर पेट्रोल-डीजल की वर्तमान कीमतों में 40 प्रतिशत तक की कमी जानी चाहिए। कांग्रेस ने एक बार फिर पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की है। साथ ही यूपीए सरकार में जिस दर से एक्साइज ड्यूटी ली जा रही थी मोदी सरकार में बढ़ी दर वापस होनी चाहिए।
माकन का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतें घटकर प्रति बैरल 34-35 डॉलर पहुंच गई हैं। हमारी सरकार इस फायदा लोगों को पहुंचाने की बजाय खुद मुनाफा कमा रही है। वर्तमान दौर में लोगों की जेब पर बोझ कम किया जाना चाहिए जो नहीं हो रहा है। जब भी कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हुआ है इसका बोझ उपभोक्ताओं पर डाला गया है। पेट्रोल डीजल की कीमतों का अधिक प्रभाव किसानों और ट्रांसपोटर्स पर पड़ता है और उसकी भरपाई मंहगाई के रूप में आम लोगों को भी करनी पड़ रही है।