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दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका: ट्विटर पर हिंदू विरोधी रुख अपनाने का आरोप, सभी धर्मों से एक जैसा व्यवहार करने का निर्देश देने की मांग

Wed, 13 Apr 2022 06:16 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली

सार

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि सिर्फ ट्विटर ऐसी पोस्ट को हेट स्पीच की श्रेणी में रखा जाता है जो हिंदुओं द्वारा लिखी गई हों और ये पूरी तरह हिंदुओं के खिलाफ पक्षपात का मामला है। याचिका वोकफ्लिक्स नामक ट्विटर अकाउंट यूजर ने दायर की है।
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दिल्ली उच्च न्यायालय - फोटो : ANI
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विस्तार
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दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका देकर माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर अलग-अलग धार्मिक समुदायों के साथ दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया गया है। याचिका में कहा गया है कि ट्विटर हिंदू समुदाय की भावनाओं के साथ सख्त रुख अपनाता है जबकि अन्य समुदायों के साथ नरम रुख अपनाता है।

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यही नहीं, सिर्फ ऐसी पोस्ट को हेट स्पीच की श्रेणी में रखा जाता है जो हिंदुओं द्वारा लिखी गई हों और ये पूरी तरह हिंदुओं के खिलाफ पक्षपात का मामला है। याचिका वोकफ्लिक्स नामक ट्विटर अकाउंट यूजर ने दायर की है। इस अकाउंट को हेट स्पीच के आरोप में पहले निलंबित और बाद में बंद कर दिया गया था। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि ट्विटर औरंगजेब जैसे हत्यारों के नरसंहारों के सामान्यीकरण में मदद करता है।
 
याचिकाकर्ता ने कहा, सवाल यह है कि एक ऐसे धर्मनिरपेक्ष देश में जहां 80 फीसदी आबादी हिंदू है क्या प्रतिवादी नंबर दो (ट्विटर) वहां अडोल्फ हिटलर, हेनरिच हिमलर या रेनहार्ड हेड्रिच जैसों की सराहना करने वाले नव नाजियों के पोस्ट को मंजूरी देने की हिम्मत कर सकता है? यदि नहीं तो ऐसा ही व्यवहार हिंदुओं के खिलाफ होने वाले पोस्ट के साथ क्यों नहीं किया जाता? याचिका में हिंदुओं के खिलाफ पक्षपात के लिए भारत में कंपनी के कुछ कार्यकारी अधिकारियों की हिंदू विरोधी सोच को जिम्मेदार ठहराया गया है।
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हाईकोर्ट कुछ अन्य याचिकाओं के साथ बुधवार को मामले की सुनवाई करेगा। इन याचिकाओं में भी अपने अकाउंट को निलंबित या बंद करने को चुनौती दी गई है। इन याचिकाओं में देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की मांग की गई है जबतक कि अभिव्यक्ति से हिंसा को बढ़ावा न मिले।

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