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पश्चिम बंगालः चुनाव में हिंसा की आशंका को लेकर सुप्रीम कोर्ट से गुहार, विपक्षी नेताओं की सुरक्षा की मांग

Wed, 23 Dec 2020 10:45 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : social media
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पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी व कानूनी तैयारियां शुरू हो गई हैं। वहीं, राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि राज्य में चुनावों के दौरान राजनीतिक हिंसा हो सकती है। इस आशंका के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर गुहार लगाई गई है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराए जाएं। याचिका में मांग की गई है कि राज्य में विपक्षी पार्टी के नेताओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। 

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गौरतलब है कि हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उनके काफिले पर पथराव किया गया। इस काफिले में भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की कार भी शामिल थी। पथराव के चलते विजयवर्गीय चोटिल हो गए। इसे लेकर राज्य में काफी सियासी बवाल भी मचा था। भाजपा ने सीधा आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगाया। 

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वहीं, केंद्र सरकार ने पथराव के बाद राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी को तलब किया। हालांकि, दोनों ही अधिकारियों ने गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए आदेश की अवहेलना की और मंत्रालय नहीं पहुंचे। ऐसे में अब माना गया कि इससे राज्य और केंद्र सरकार के बीच प्रशासनिक और कानूनी जंग शुरू हो सकती है। 

दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने केंद्रीय गृह सचिव भल्ला को पत्र लिखकर कहा कि जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले को लेकर बंगाल के मुख्य सचिव और डीजीपी को दिल्ली तलब करना राजनीति से प्रेरित है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था राज्य का विषय है। 
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उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य प्रशासन को भयभीत करने के लिए दबाव डालने वाली कार्रवाई की जा रही है। बनर्जी ने कहा, 'हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत कानून व्यवस्था राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे में आप कानून-व्यवस्था के संदर्भ में किसी भी तरह की चर्चा के लिए कैसे दोनों अधिकारियों को बुला सकते हैं?' 

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