सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर योगी सरकार के आदेश को चुनौती दी गई है। यूपी सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों की पहचान कर उनसे वसूली करने का आदेश दिया है। परवेज आरिफ द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि यूपी सरकार का यह निर्णय सही नहीं है। इसे निरस्त किया जाना चाहिए।
बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में गत 19 दिसंबर को लखनऊ में हिंसा व आगजनी से करीब 4.55 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। चार एडीएम की एकल कमेटी ने सार्वजनिक व निजी संपत्तियों के नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। नुकसान की भरपाई को उपद्रव, आगजनी व हंगामे में चिह्नित 150 आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इसके साथ ही नुकसान की भरपाई के लिए वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।